CJP छात्र आंदोलन पर सियासत तेज: डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने लाठीचार्ज पर जताई नाराजगी, दिल्ली पुलिस ने एक्शन की खबरों का किया खंडन

CJP छात्र आंदोलन पर सियासत तेज: डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने लाठीचार्ज पर जताई नाराजगी, दिल्ली पुलिस ने एक्शन की खबरों का किया खंडन

नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। संसद मार्च के दौरान हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर चिंता जताई है। वहीं दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए रात में कार्रवाई की आशंका जताई जा रही थी।

डॉ. जोशी ने अपने बयान में कहा कि देशभर से आए छात्र कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग बेहद पीड़ादायक है और इस तरह की घटनाएं विकसित भारत के लक्ष्य को कमजोर कर सकती हैं।

Indian Human Resources Minister Murli Ma

उन्होंने विशेष रूप से महिला प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई पर भी चिंता जताते हुए कहा कि महिलाओं और युवतियों पर बल प्रयोग की खबरें बेहद दुखद हैं। उनके अनुसार, ऐसे हालात समाज के एक बड़े वर्ग में असंतोष पैदा कर सकते हैं।

इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कनॉट प्लेस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा रही है और आशंका जताई कि सरकार जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ फिर कार्रवाई कर सकती है।

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इन दावों को खारिज करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्पष्ट किया कि फिलहाल जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को हटाने के लिए किसी कार्रवाई की कोई योजना नहीं है। पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अपुष्ट या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और बिना सत्यापन उसे साझा करने से बचें।

उधर, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने सुरक्षा व्यवस्था और संभावित भीड़ को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के व्यापारियों से शाम 6:30 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की। एसोसिएशन के अनुसार यह निर्णय नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद एहतियात के तौर पर लिया गया।

इधर, CJP ने अपनी मुख्य मांग दोहराते हुए कहा है कि नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। आंदोलनकारी संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

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