जयपुर, 16 मार्च। पशुपालन, गोपालन और देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार पशुओं के कल्याण के प्रति समर्पित होकर काम कर रही है। कुमावत सोमवार को बगरू स्थित रामदेव गोशाला से एफएमडी रोग से बचाव के लिए राज्य स्तरीय टीकाकरण अभियान के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे।
प्रदेश में गौ एवं भैंस वंशीय पशुधन को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से बचाने के उद्देश्य से व्यापक खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण टीकाकरण कार्यक्रम के सातवें चरण का शुभारंभ सोमवार को पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बगरू के रामदेव गौशाला में किया। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में 2 करोड़ 32 लाख गौ एवं भैंस वंशीय पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर पशुपालन मंत्री ने कहा कि प्रदेश में पशुधन किसानों और पशुपालकों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है। खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसे संक्रामक रोग से पशुधन को सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राज्य में व्यापक स्तर पर खुरपका-मुंहपका रोग नियंत्रण टीकाकरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि गौवंश को इस रोग से सुरक्षित रखने के लिए सभी पशुओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं। इससे पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा और पशुपालकों की आय बढ़ेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को निर्देश दिए कि टीकाकरण कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इससे प्रदेश को वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त बनाने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
पशुपालन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में सरकार ने गायों और गौशाला की बेहतरी के लिए कई योजनाओं की शुरूआत की है और पिछले दो वर्षों में पात्र गौशालाओं की अनुदान राशि में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इसी प्रकार किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने के प्रयास भी किए हैं।

इस अवसर पर के निदेशक डॉ सुरेश मीना ने बताया कि खुरपका-मुंहपका एक अत्यंत संक्रामक रोग है, जिससे पशुओं की उत्पादकता प्रभावित होती है और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस रोग की रोकथाम के लिए नियमित टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम के तहत पशुपालन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगी। इसके लिए विशेष टीकाकरण शिविर आयोजित होंगे और सतत निगरानी भी की जाएगी। इससे अधिक से अधिक पशुओं को इस अभियान के अंतर्गत कवर किया जा सकेगा।
इस दौरान कुमावत ने गौवंश की पूजा कर उन्हें चारा खिलाया तथा गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने टीकाकरण दल को टीके का कैरियर भेंट किया। मौके पर ही दल के सदस्यों ने गौवंश का टीकाकरण किया।











