Dausa Drishyam incident: एक्सप्रेसवे के नीचे दफन सच की तलाश, छह साल से लापता टिल्लू की तलाश में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर तीन लाइन बंद कर खुदाई

Dausa Drishyam incident: एक्सप्रेसवे के नीचे दफन सच की तलाश, छह साल से लापता टिल्लू की तलाश में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर तीन लाइन बंद कर खुदाई

दौसा जिले के बांदीकुई थाना क्षेत्र में ऊनबड़ा गांव बैरवा ढाणी से छह साल पहले गायब हुए चार वर्षीय टिल्लू उर्फ प्रिंस के शव की तलाश को लेकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। रविवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर कंकाल वाले पॉइंट के पास करीब 300 मीटर क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही आंशिक रूप से रोक दी गई। पांच लाइनों में से तीन लाइनों पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया, जबकि दो लाइनों से आवागमन जारी रहा। दोपहर करीब 2:30 बजे एनएचआई अधिकारियों की मौजूदगी में यह व्यवस्था लागू की गई।

Dausa Drishyam Case: Excavation Begins on Delhi-Mumbai Expressway After Drone Survey Tillu's Skeleton Finding

जहां आशंका जताई जा रही है कि मासूम से जुड़े अहम सबूत या उसका शव दफन हो सकता है. ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (GPR) मशीन से मिले संकेतों के आधार पर एक्सप्रेसवे की करीब 35 मीटर लंबी सड़क की ऊपरी परत हटाई जा रही है, जिसे इस मामले की अब तक की सबसे बड़ी तकनीकी कार्रवाई माना जा रहा है

Tillu Murder Case Update: एक्सप्रेस-वे के नीचे दफन है 6 साल पहले लापता  मासूम का कंकाल? GPR मशीन से शुरू हुई तलाश - Jagat Kranti News

पुलिस ने लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में ड्रोन कैमरा उड़ाकर जांच की। पुराने और संभावित स्थानों की पुष्टि के बाद मौके पर पहुंची मशीन ने खुदाई शुरू कर दी। शाम करीब 3:30 बजे एक्सप्रेस हाईवे के ऊपर पार्किंग लाइन में लगभग 70 फीट क्षेत्र में खुदाई का कार्य प्रारंभ हुआ। खुदाई की अनुमति मिलने की सूचना पर विधायक भागचंद टांकड़ा भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली।

दरअसल, 16 अगस्त 2020 को दौसा जिले में अपने घर के आंगन में खेल रहा चार वर्षीय टिल्लू अचानक लापता हो गया था. मासूम के गायब होने से परिवार की दुनिया थम गई, लेकिन लंबे समय तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया. वर्षों तक जांच अलग-अलग दिशाओं में चलती रही, मगर मामला अनसुलझा ही रहा. अब हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद जांच में आधुनिक तकनीक को शामिल किया गया है, जिससे केस में नई उम्मीद जगी है

इससे पूर्व पुलिस ने ऊनबड़ा गांव के पास एक्सप्रेस वे किनारे जेसीबी की मदद से लगभग 100 मीटर क्षेत्र में 15 फीट गहरी खुदाई करवाई थी, लेकिन बच्चे का कंकाल नहीं मिला। जांच के दौरान जीपीआर मशीन से भी सर्वे किया गया था। मशीन ने दो स्थानों को चिह्नित किया था, जहां एक्सप्रेस वे के नीचे लगभग ढाई मीटर गहराई में कुछ होने के संकेत मिले थे। अब उन्हीं संकेतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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एक्सप्रेसवे की एक लेन को अस्थायी रूप से बंद कर बैरिकेडिंग की गई

पुलिस के अनुसार दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चैनेज 161.700 के पास जीपीआर मशीन से जमीन के करीब 9 फीट नीचे संदिग्ध संकेत मिले हैं. इन्हीं संकेतों के आधार पर मिलिंग मशीन से सड़क की परतें हटाने का काम शुरू किया गया है. खुदाई के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर एक्सप्रेसवे की एक लेन को अस्थायी रूप से बंद कर बैरिकेडिंग की गई है. मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारी मौजूद हैं और पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है

मामले में आरोपी कृष्णा बैरवा को अदालत में पेश कर 5 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड पर लिया गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में मिले इनपुट के बाद ही यह विशेष तकनीकी जांच शुरू की गई. अधिकारियों का कहना है कि करीब 35 मीटर क्षेत्र में सड़क और नीचे की मिट्टी की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है ताकि किसी भी संभावित सबूत को सुरक्षित तरीके से बरामद किया जा सके

2020 से लापता है टिल्लू

बांदीकुई थाना क्षेत्र के बैरवा ढाणी निवासी जगमोहन बैरवा का चार वर्षीय बेटा टिल्लू उर्फ प्रिंस 16 अगस्त 2020 को लापता हो गया था। परिजनों द्वारा तलाश के बाद 17 अगस्त 2020 को बांदीकुई थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पिछले वर्षों में करीब सात जांच अधिकारी इस मामले की जांच कर चुके हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब दो वर्ष पहले इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी और मामला वर्तमान में विचाराधीन है। 

एक महीने पहले हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जांच की जिम्मेदारी दौसा महिला सेल के एएसपी योगेंद्र फौजदार को सौंपी गई। उन्होंने एक महीने के दौरान तीन बार पीड़ित परिवार के घर जाकर जांच की और आसपास के क्षेत्र में पड़ताल की। इसके बाद पड़ोसी युवक पर संदेह गहराया। 17 फरवरी को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने हत्या की बात कबूल ली। हालांकि एक सप्ताह बीतने के बाद भी पुलिस अब तक टिल्लू का शव बरामद नहीं कर सकी है।

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