तेहरान पर हमले के बाद इजरायल-ईरान में जंग के हालात पैदा हो गए हैं. सेंट्रल तेहरान के यूनिवर्सिटी स्ट्रीट और जोमहूरी इलाके में कई मिसाइलें गिरी हैं. सरकारी मीडिया ने तेहरान में कम से कम 3 विस्फोटों की आवाजें सुने जाने की पुष्टि की है. इसी बीच ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. देशभर में मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दी गईं हैं. इजरायली हमले के बाद दक्षिणी तेहरान के इलाके से धुआं उठता देखा गया है.
ईरानी न्यूज एजेंसियों ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका-इस्राइल के हमले में मारे गए हैं। अल जजीरा के मुताबिक, ईरानी मीडिया फार्स और तस्नीम ने खामेनेई के मौत की पुष्टि की है। ईरानी मीडिया ने भी कहा है कि खामेनेई की मौत हो चुकी है. उनके साथ परिवार के और सदस्यों की भी जान गई है
खामेनेई की मौत पर ईरानी नागरिकों में जश्न का माहौल
अमेरिका द्वारा ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत का दावा किए जाने के बाद ईरान के विभिन्न हिस्सों में जश्न की खबरें आईं। खामेनेई की मौत ने पूरे देश में राहत और खुशी की लहर दौड़ा दी है और बहुत से ईरानियों ने इसे एक नई शुरुआत का संकेत माना है। ईरानी एक्टिविस्ट और पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें ईरान में लोगों को जश्न मनाते हुए दिखाया गया। उन्होंने लिखा, “क्या मैं सपना देख रहा हूं? हैलो, नया दुनिया।” एक और पोस्ट में उन्होंने भावुक होते हुए कहा “हर सुबह मैं पढ़ता हूं कि मेरे लोग अली खामेनेई द्वारा मारे जा रहे हैं, लेकिन आज की सुबह मुझे जो खबर मिली, वह मेरे जीवन की सबसे अच्छी खबर है। मैं बस दौड़ना चाहती हूं और खुशी से चिल्लाना चाहती हूं।”
रान में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक
खामेनेई की मौत के दावों के बीच एक और अहम खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है. खामेनेई की मौत को लेकर लगातार कई दावे किए जा रहे हैं
IRGC ने दुख जताया, बदला लेने की कसम खाई
फार्स न्यूज एजेंसी के एक बयान के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खामेनेई की मौत पर कहा है कि हमने एक महान लीडर खो दिया है और हम उनके लिए दुख मनाते हैं। बयान में कहा गया कि IRGC घरेलू और विदेशी साजिशों का डटकर सामना करेगा।
ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने आईआरजीसी का एक बयान प्रकाशित किया है, जिसमें ईरान के इस्लामी गणराज्य के इतिहास में सबसे विनाशकारी आक्रामक अभियान की शुरुआत की घोषणा की गई है। आईआरजीसी ने कहा कि यह हमला ‘कुछ ही क्षणों’ में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा।










