महाशिवरात्रि पर्व से पहले अजमेर में अजमेर शरीफ दरगाह को लेकर एक नई बहस छिड गई महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर दरगाह परिसर में रुद्राभिषेक और शिव पूजा की अनुमति देने के संबंध में अजमेर जिला कलेक्टर को औपचारिक पत्र लिखा है।
डॉ. परमार ने अपने पत्र में दावा किया कि दरगाह परिसर प्राचीन समय में शिव मंदिर से जुड़ा रहा है. उनका कहना है कि महाशिवरात्रि जैसे पवित्र पर्व पर शिवभक्तों को वहां पूजा करने का अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और कानून व्यवस्था बनाए रखने में संगठन प्रशासन का सहयोग करेगा. साथ ही श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी रखी गई है

कहा कि उनकी संस्था समाज में सौहार्द और ऐतिहासिक सत्य को उजागर करने के उद्देश्य से कार्य कर रही है। उन्होंने पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि महाशिवरात्रि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का पर्व है और इस अवसर पर रुद्राभिषेक की अनुमति देने से धार्मिक स्वतंत्रता को बल मिलेगा।
परमार ने बताया कि दरगाह परिसर में प्राचीन शिव मंदिर होने के दावे को लेकर न्यायालय में याचिका पहले से दायर है. याचिका में परिसर में हिंदू देवी देवताओं के चिन्ह होने का भी उल्लेख किया गया है. इस मामले की अगली सुनवाई 21 फरवरी को प्रस्तावित बताई जा रही है और इस पर विभिन्न पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं
जिला प्रशासन ने ऐसे किसी पत्र की आधिकारिक प्राप्ति की पुष्टि नहीं की है. हालांकि शहर में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं








