विधानसभा की कार्रवाई में आज के प्रश्नकाल में 22 तारांकित और 21 अतारांकित प्रश्न सूचीबद्ध हैं। उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा से जुड़े विभागों कृषि, शिक्षा, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, जल संसाधन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता और नगरीय विकास से संबंधित सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
विधानसभा सत्र के दौरान मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने सदन की गरिमा और आचरण को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने विधानसभा को लोकतंत्र का पवित्र मंच बताते हुए जनप्रतिनिधियों से मर्यादा बनाए रखने की अपील की। बेढम ने कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा को आत्मचिंतन की नसीहत देते हुए विपक्ष के व्यवहार को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वस्थ संवाद और जिम्मेदार रवैया जरूरी है।
साध्वी प्रेम बाईसा मामले पर मंत्री ने कहा कि सरकार न्यायोचित और निष्पक्ष कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। पेपर लीक प्रकरणों में दोषियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात भी दोहराई। अतिक्रमण और धार्मिक स्थलों को हटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार कानूनी पहलुओं का अध्ययन कर ही निर्णय लेगी।
विधानसभा में सवाई माधोपुर जिले में खाद-बीज वितरण में लापरवाही के मुद्दे पर जोरदार चर्चा हुई। विधायक इंदिरा मीणा ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने और वितरण में अनियमितताओं का मामला उठाया।
इस पर मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने किसानों की मांग को देखते हुए 3 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की है। डीलरों को निलंबित कर बाद में बहाल किए जाने के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल संतोषजनक जवाब मिलने पर ही बहाली की गई है, जबकि गंभीर मामलों में दोषियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।
रोहित बोहरा पर कार्रवाई की मांग
शून्यकाल के दौरान सदन में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा पर गंभीर आरोप लगाए। कृपलानी ने कहा कि कल की कार्रवाई के दौरान बोहरा ने ऐसा इशारा किया, जिसे वे सदन में दोहरा भी नहीं सकते। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि ऐसे सदस्य को विधानसभा में रहने का अधिकार नहीं है संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी इस मुद्दे पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और अनुचित आचरण पर सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।
वहीं कांग्रेस की ओर से सचेतक रफीक खान ने कहा कि पहले भी उनके खिलाफ कठोर शब्दों का प्रयोग हुआ था और उस समय जैसी कार्रवाई की गई थी, वैसी ही प्रक्रिया इस मामले में भी अपनाई जानी चाहिए। इस दौरान भाजपा विधायकों ने विरोध जताते हुए हंगामा किया। स्थिति को संभालते हुए स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि मामले में निर्णय वे स्वयं करेंगे। उन्होंने कहा कि संबंधित वीडियो देखा जाएगा और यदि वह सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।












