राजस्थान की वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में बजट पेश कर दिया है. यह 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये का है, जो पिछले साल के बजट के मुकाबले 41.39 फीसदी ज्यादा है. करीब 3 घंटे तक चले बजट भाषण में किसान, महिला, युवा, कर्मचारी, स्कूली स्टूडेंट्स के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं. प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस बजट को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए लड्डू खिलाकर वित्त मंत्री का मुंह मीठा करवाया है
4 जिलों में नए एयरपोर्ट की प्लानिंग
राजस्थान बजट में पर्यटन, धार्मिक स्थलों के विकास और हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने की कई अहम घोषणाएं की गईं। जैसलमेर के खुड़ी में अल्ट्रा लग्जरी टूरिज्म जोन विकसित किया जाएगा, जबकि कुलधरा में नया पर्यटन केंद्र स्थापित होगा। इसके साथ ही पश्चिमी रेगिस्तानी जिलों को जोड़ते हुए थार सांस्कृतिक सर्किट बनाया जाएगा, जिससे डेजर्ट टूरिज्म को नई पहचान मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भरतपुर में बृज कन्वेंशन सेंटर और झुंझुनूं में वॉर म्यूजियम स्थापित करने की घोषणा की। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 50 हजार बुजुर्गों को हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के लिए 13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं की मरम्मत करवाई जाएगी। साथ ही देवस्थान विभाग की जमीनों पर बीओटी आधार पर नई धर्मशालाएं बनाई जाएंगी।
हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए सीकर, झुंझुनूं, डीग और भरतपुर में नए एयरपोर्ट के लिए फिजिबिलिटी स्टडी करवाई जाएगी। वहीं सवाई माधोपुर और बांसवाड़ा में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (FTO) खोले जाएंगे। डिजिटल सशक्तिकरण के तहत 25 हजार महिलाओं और युवाओं को मिनी ई-मित्र के रूप में अधिकृत किया जाएगा। साथ ही राज्य में नई आईटी पॉलिसी भी लागू की जाएगी।
प्रदेश में एआई आधारित जन सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही नेक्स्ट जेनरेशन सर्विस रिफॉर्म लागू किया जाएगा। सरकार ‘वन्स ऑनली प्रिंसिपल’ लागू करेगी, जिसके तहत नागरिकों और उद्यमियों से किसी भी दस्तावेज की जानकारी केवल एक बार ही ली जाएगी। सभी प्रकार के प्रमाण पत्र और पंजीयन पूरी तरह ऑनलाइन किए जाएंगे। आमजन को 100 सरकारी सेवाएं व्हाट्सएप के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्तमान में जनमित्र केंद्रों पर 60 सेवाएं उपलब्ध हैं। डिजिटल राजस्थान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नई डिजिटल पॉलिसी लाई जाएगी।
इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता इसका ‘फ्यूचरिस्टिक’ होना है. सरकार ने युवाओं के लिए 4 लाख नौकरियों का खाका खींचने के साथ-साथ 10वीं-12वीं के मेधावी छात्रों को टेबलेट/लैपटॉप के लिए ₹20,000 का ई-वाउचर देने की घोषणा कर भविष्य की नींव रखी है. इसी कड़ी में, प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ₹1 लाख करोड़ का प्रभावी पूंजीगत खर्च और 42,000 किलोमीटर सड़कों का जाल बिछाने का संकल्प लिया गया है, जो राजस्थान की रफ्तार को नई दिशा देगा
आमजन की जेब और जीवन, दोनों का ध्यान रखते हुए सरकार ने ‘राज सुरक्षा’ जैसी योजना शुरू की है, जो बिना किसी दस्तावेज के एक्सीडेंट केस में मुफ्त इलाज सुनिश्चित करेगी. वहीं, मध्यम वर्ग और निवेशकों के लिए लोन रजिस्ट्री और स्टैंप ड्यूटी में भारी कटौती कर बड़ी वित्तीय राहत दी गई है. किसानों के लिए ₹25,000 करोड़ के ब्याज मुक्त कर्ज और गेहूं पर ₹150 के अतिरिक्त बोनस ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई उम्मीद दी है.
इनके अलावा, अन्य राज्यों से आने वाली गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन टैक्स में अब 50% की छूट, सरकारी अस्पतालों में मौत होने पर शव को घर तक मुफ्त पहुंचाने की सुविधा, अगले साल 10 करोड़ पौधे लगाने, दूध पर बोनस के लिए ₹700 करोड़ का अनुदान देने और प्रदेश में 60 नए CNG स्टेशन और 250 EV चार्जिंग पॉइंट खोलने जैसे बड़े ऐलान भी बजट में किए गए हैं.
हालांकि, इस बजटीय चमक के बीच विपक्ष ने इसे ‘नाम बदलने वाली सरकार’ करार देकर तीखा हमला बोला है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे ‘संवेदनहीन’ बताते हुए युवाओं और कर्मचारियों की अनदेखी का आरोप लगाया है. लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और सांसद सीपी जोशी ने इसे ‘सर्व सुखाय-सर्व हिताय’ बताकर सरकार की मंशा साफ कर दी है












