संसद के बजट सत्र का आज छठा दिन है। पीएम मोदी शाम पांच बजे लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा। राज्यसभा में चर्चा जारी है। यहां जेपी नड्डा, नेता प्रतिपक्ष खरगे, बिहार से निर्वाचित राजद सांसद मनोज झा, तमिलनाडु के सांसद कमल हासन आदि ने अपनी बातें रखीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं दे सके चर्चा का जवाब
लोकसभा में हंगामा जारी रहने के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब नहीं दे सके। पीठासीन सभापति संध्या राय ने शाम पांच बजे कार्यवाही शुरू होने के बाद सांसदों से सदन चलने देने की अपील की। हालांकि, आक्रोशित सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे और पीएम मोदी अपना वक्तव्य पेश नहीं कर सके।
कमल हासन ने दिया पहला भाषण
बिहार से निर्वाचित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की किताब से अंशों को उद्धृत करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए। इसके बाद तमिलनाडु से निर्वाचित सांसद कमल हासन ने महात्मा गांधी, पेरियार और अन्य हस्तियों का जिक्र करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने खास तौर पर इसका उल्लेख किया कि ये हासन का पहला भाषण है, इसलिए कोई भी सदस्य उनके वक्तव्य के दौरान व्यवधान पैदा करने का प्रयास न करे।
कमल हासन ने अपने संबोधन में कई ऐतिहासिक तथ्यों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सिनेमा ने उनको एक ऐसा मंच मुहैया कराया, जहां से उन्होंने पूरी दुनिया के सामने अपनी बातें कहीं। संसद के बजट सत्र में अपने वक्तव्य का जिक्र करते हुए हासन ने कहा, ‘ये कहा जा सकता है कि हाईस्कूल से ड्रॉपआउट के महात्मा गांधी की पुण्यतिथि का जिक्र करते हुए हासन ने कहा कि पेरियार और गांधी को उन्होंने ऐसे समय में श्रद्धांजलि दी, जब उनकी आयु महज कुछ दिनों की थी।
सासंद पवित्रा मार्गरीटा ने कहा कि हजारों वर्षों से असम भारत का एक अभिन्न अंग है। यहां हजारों वर्षों से सनातन की परंपरा रही है। यहां भी सभी गौरवशाली भारतीय है। मैने अभी जल्दी में रेड द माउंट बिट्स का इंटरव्यू सुना जो 11 अप्रैल 1947 को रिकॉर्ड किया गया था। माउंटबेटन ने उस बातचीत में बताया कि जिन्ना शायद असम के बंटवारे की मांग कर सकते हैं। इस पर नेहरू ने कहा कि ये तो पूरी तरह से उचित है। ये सुनकर मैं हैरान हो गया। लेकिन असम के सपूत लोकप्रिय गोपीनाथ बोदलोय और असम वासी ने इसका विरोध किया उस संकट काल में असम वासियों का साथ दिया। महात्मा गांधी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनके भाई स्वतंत्रता सेनानी शरद चंद्र बोस ये सब साथ कड़े रहें। इसीलिए असम आज पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है।
सांसद डिंपल यादव का बयान
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सदन चले और सभी सांसद अपनी बात रखें लेकिन विपक्ष के नेता और बाकी सांसदों को बोलने नहीं दिया जा रहा है। हमारे बहुत सारे मुद्दे हैं और हम चाहते हैं कि सदन चले और लोगों के संज्ञान में बाते आएं।’
राज्यसभा में खरगे का संबोधन
इससे पहले लोकसभा की कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही पांच मिनट के भीतर स्थगित करनी पड़ी। 12 बजे भी हंगामा जारी रहा और महज 15 मिनट की कार्यवाही के बाद कार्यवाही दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दो बजे भी हंगामा जारी रहा और कार्यवाही पांच बजे तक स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में दोपहर दो बजे से शुरू हुई कार्यवाही के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है। इस चर्चा की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार का पक्ष रखा। हंगामे के लिए उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथ लिया और कहा कि संसदीय मर्यादा को तार-तार किया गया है। इसके बाद खरगे ने सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया।












