संसद के बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी से हो चुकी है और आज सत्र के पांचवें दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी का भाषण शुरू होते ही लोकसभा में हंगामा हो गया. भाषण की शुरुआती तीन-चार पंक्तियों के बाद राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब का हवाला दिया, जिसमें डोकलाम और चीन से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया गया है. इस बात को लेकर राजनाथ सिंह और अमित शाह समेत कई एनडीए नेताओं ने आपत्ति जताई.
राजनाथ सिंह ने जताई आपत्ति
राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में डोकलाम या चीन से जुड़ी किसी भी बात का उल्लेख नहीं है, ऐसे में इस मुद्दे को उठाना नियमों के खिलाफ है. उन्होंने राहुल गांधी से यह भी सवाल किया कि वह जिन बातों का हवाला दे रहे हैं, क्या वह किसी प्रकाशित पुस्तक से ली गई हैं.
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी जिस किताब का संदर्भ दे रहे हैं, वह पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवाणे की बताई जा रही पुस्तक है, लेकिन वह अब तक प्रकाशित नहीं हुई है. ऐसे में उसके आधार पर बयान देना ठीक नहीं है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि सदन को गुमराह करने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए और अनावश्यक बातें करने से बचना चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि अभिभाषण में जिन विषयों का जिक्र नहीं है, उन्हें लेकर चर्चा करना अनुचित है. इस मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी आपत्ति जताई और कहा कि राहुल गांधी को साफ तौर पर बताना चाहिए कि जिस पुस्तक का वह हवाला दे रहे हैं, वह प्रकाशित हुई है या नहीं.
28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था संयुक्त सत्र को संबोधित
गौरतलब है कि बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu) ने 28 जनवरी को लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था. अपने अभिभाषण में उन्होंने सरकार के भावी एजेंडे के साथ-साथ मौजूदा नीतियों को भी विस्तार से रेखांकित किया था.
राहुल गांधी ने क्या कहा, जो मच गया बवाल?
लोकसभा में हंगामे के बाद कार्यवाही स्थगित
लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण के दौरान हुए हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी. हंगामे के बीच स्पीकर ओम बिरला ने राहुल गांधी को चेतावनी देते हुए कहा कि वे सदन में नियमों के तहत ही बोलें. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर राहुल गांधी नियमों और तथ्यों के साथ बात नहीं रखेंगे तो उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा और किसी दूसरे वक्ता को बोलने का अवसर दिया जाएगा












