उत्तर भारत में सर्दियों का दौर इस बार और नमी भरा और गंभीर नजर आ रहा है। पहाड़ी राज्यों में मंगलवार को हुई बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश ने मौसम को सामान्य से ठंडा और उमस भरा बना दिया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले चार साल में जनवरी का सबसे गीला महीना दर्ज किया गया, वहीं कश्मीर में बर्फ की सफेद चादर ने हवाई और सड़क यातायात को बाधित कर दिया। मंगलवार को राजधानी में तेज बारिश और गरज के साथ हुई बौछारों ने शहर के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित किया, और जनवरी महीने में कुल वर्षा 24 मिमी तक पहुंच गई, जो 2022 के बाद इस महीने की सबसे अधिक रिकॉर्ड है।

वहीं कश्मीर में मंगलवार को क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में ताजा बर्फबारी हुई, जिसके चलते जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद करना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि काजीगुंड और बनिहाल के पास नवयुग सुरंग क्षेत्र में बर्फ जमा होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 44 को बंद किया गया। जम्मू कश्मीर के डोडा जिले में बर्फ से ढके इलाके में फंसे 60 लोगों, जिनमें राष्ट्रीय राइफल्स की एक इकाई के 40 सैनिक भी शामिल थे, को सीमा सड़क संगठन ने बचाया। यह जानकारी रक्षा प्रवक्ता ने दी।
हिमाचल प्रदेश में ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश की संभावना है। शिमला स्थित मौसम केंद्र ने कुल्लू, चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मंगलवार सुबह तक हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। लाहौल स्पीति के गोंडला गांव में 22 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई, जो राज्य में सबसे अधिक रही। वहीं ताबो गांव में न्यूनतम तापमान माइनस 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा।

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में भी ताजा बर्फबारी हुई, जो बीते कुछ दिनों में दूसरी बार दर्ज की गई है। चमोली जिले के बद्रीनाथ और रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ व आसपास की चोटियों पर सोमवार रात से रुक रुक कर बर्फबारी जारी है। उत्तरकाशी जिले में बंदरपूंछ और अन्य ऊंची चोटियों पर भी हिमपात हुआ। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री सहित आसपास के इलाकों में बादल छाए रहे, जबकि देहरादून और अन्य मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना रहा।

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री नीचे और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहने के कारण ठंडे दिन की शर्तें पूरी हुईं, लेकिन तापमान के अगले दिन बढ़ने की संभावना को देखते हुए इसे ठंडा दिन घोषित नहीं किया जा सकता। यह पहली बार है जब ऐसी स्थिति बनी है। सुबह 11.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे के बीच कुछ स्टेशनों पर बारिश तेज रही। पालम में 10.6 मिमी, रिज में 10.2 मिमी, सफदरजंग में 4.2 मिमी, लोधी रोड पर 3.4 मिमी और आया नगर में 3.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
दोपहर 2.30 बजे से शाम 5.30 बजे के बीच बारिश की तीव्रता कम हो गई। पालम में 0.6 मिमी, रिज में 1.2 मिमी, आया नगर में 0.1 मिमी और मयूर विहार में 1.0 मिमी बारिश हुई, जबकि अधिकांश स्टेशनों पर बारिश नहीं दर्ज की गई।
राजस्थान में भी सुबह के समय हल्की से मध्यम बारिश हुई। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई है। राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान अलवर में 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी की संभावना है, जिससे जारी शीतलहर से राहत मिलने की उम्मीद है।









