मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बृहस्पतिवार को नए साल के पहले दिन उत्तराखंड रोडवेज की 112 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड परिवहन निगम के बस बेड़े में सम्मिलित 112 नई बसों (साधारण/AC – UTC स्मार्ट) को हरी झंडी दिखाई। साथ ही परिवहन निगम की स्मारिका ‘अनवरत’ का विमोचन एवं उत्कृष्ट कार्मिकों को सम्मानित किया।। वहीं, परिवहन निगम ने पहली बार निजी बसों को टक्कर देने के लिए दो अनुबंधित स्लीपर बसों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है।
नववर्ष पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कैंप कार्यालय से फ्लैग ऑफ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10 एसी व दो स्लीपर अनुबंधित बसों को भी जनता को समर्पित किया। साथ ही उन्होंने परिवहन निगम की स्मारिका अनवरत और सड़क सुरक्षा पर आधारित कैलेंडर का विमोचन किया। सीएम ने कठिन परिस्थितियों में कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मठ कर्मचारियों को भी सम्मानित किया।
सीएम ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित ये नई बसें राज्य के सार्वजनिक परिवहन तंत्र को सशक्त बनाएंगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा सुविधा मिलेगी। आर्थिक, सामाजिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि दुर्गम और पर्वतीय भौगोलिक परिस्थितियों वाले उत्तराखंड में एक सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था नागरिक सुविधा के साथ-साथ आर्थिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। सरकार परिवहन निगम को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अब तक 13 से अधिक नए बस अड्डों और कार्यशालाओं का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। 14 अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति पर है, जिनमें चार आईएसबीटी भी शामिल हैं। शीघ्र ही निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों को भी सम्मिलित किया जाएगा।
सीएम ने बताया कि हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल के पहले दिन से ही गुड गवर्नेस को केंद्र में रखकर काम किया है। परिवहन निगम में सुधार की दिशा में 13 नए बस स्टैंड व कार्यशालाओं का निर्माण किया गया है, जबकि 14 स्थानों पर कार्य प्रगति पर है। आईएसबीटी की तर्ज पर भी विभिन्न स्टेशनों का विकास किया जा रहा है।
सीएम ने बताया कि निगम की बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, ई-टिकटिंग, फ्लीट मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध मेंटेनेंस जैसी आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे यात्रियों के साथ-साथ कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी। सरकार ने निगम कर्मियों के हितों को ध्यान में रखते हुए डीए वृद्धि, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन एवं नई भर्तियों के माध्यम से मैनपावर की कमी को दूर करने का कार्य किया है।







