अजमेर के मसूदा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत की एक अनुशंसा पत्र चर्चा में आ गया है. फरवरी 2025 का यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें सरकारी स्कूलों के लिए खादी की फर्श दरी पट्टी खरीदने की अनुशंसा की गई है. पत्र के अनुसार भिनाय क्षेत्र के सरकारी स्कूलों के लिए 20 लाख रुपये की दरी पट्टी और मसूदा क्षेत्र के स्कूलों के लिए 30 लाख रुपये की दरी पट्टी खरीदने की सिफारिश की गई
जानकारी के अनुसार, भिनाय में 190 दरी पट्टी और मसूदा में 239 दरी पट्टी खरीदी गई. 10×15 वर्ग फुट साइज के एक दरी की कीमत करीब 10,500 रुपये बैठती है. जिसे लेकर अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस खरीद प्रक्रिया में विधायक निधि राशि का दुरुपयोग हुआ है.

मामले को लेकर मसूदा के पूर्व कांग्रेस विधायक राकेश पारीक ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं पारीक ने कहा कि दरी पट्टी खरीद का यह मामला उसी तरह संदेह पैदा करता है, जैसे हाल ही में सामने आए विधायकों के स्टिंग ऑपरेशन. उन्होंने कहा कि विधायक निधि का पैसा जनता का है और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए. पारीक ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी से आग्रह किया कि समय रहते पूरे मामले की जांच कराई जाए. उन्होंने यह भी कहा कि उनके स्वयं के पांच साल के कार्यकाल और वर्तमान विधायक वीरेंद्र कानावत के कार्यकाल-दोनों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके










