बालोतरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है पुलिस के अनुसार, आरोपी इंस्टाग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर “कॉन्स्टेबल महिपाल सिंह” के नाम से फर्जी आईडी बनाकर सक्रिय था। वह युवतियों और महिलाओं को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता और जैसे ही कोई रिक्वेस्ट स्वीकार करता, वह बातचीत शुरू कर खुद को पुलिस विभाग में तैनात बताता। धीरे-धीरे वह भरोसा जीतकर उनसे दोस्ती बढ़ाता और फिर मिलने का दबाव बनाने लगता।
जांच में सामने आया है कि आरोपी महिलाओं को होटल या अन्य एकांत स्थानों पर मिलने के लिए बुलाता था। वहां पहुंचने के बाद वह उन्हें डराकर और धमकाकर ब्लैकमेल करता और पैसों की मांग करता था। पुलिस को दी गई शिकायत में एक पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे लगातार पुलिस का भय दिखाता था।
पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी ने उसे जबरन होटल में बुलाकर शराब पीने के लिए दबाव बनाया और कई बार मिलने के लिए मजबूर किया। डर और मानसिक दबाव के कारण वह आरोपी के जाल में फंसती चली गई। इस दौरान आरोपी ने उससे कुल करीब 3 लाख 75 हजार रुपये ऐंठ लिए। इतना ही नहीं, बाद में उसने निजी तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर दोबारा पैसे मांगने शुरू कर दिए।
सतर्कता से पकड़ा गया आरोपी
मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने पीड़िता को एक बार फिर जसोल क्षेत्र के एक होटल में मिलने के लिए बुलाया। इस बार पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पूरी जानकारी अपने परिजनों को दे दी। परिजन मौके पर पहुंचे और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। उस समय भी आरोपी खाकी वर्दी में ही था, जिससे वह खुद को असली पुलिसकर्मी साबित करने की कोशिश कर रहा था। इसके बाद परिजनों ने आरोपी को पकड़कर जसोल थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जसोल थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी से पूछताछ जारी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से कई अन्य महिलाओं को भी निशाना बनाया हो सकता है। पुलिस अब आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स, मोबाइल फोन और डिजिटल डाटा की गहन जांच कर रही है, ताकि उसके नेटवर्क और अन्य संभावित पीड़ितों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस ने आमजन, खासकर महिलाओं से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति पर आसानी से भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि किए बिना निजी जानकारी साझा करने या मिलने के लिए सहमति देने से बचें। अगर कोई खुद को सरकारी अधिकारी बताकर दबाव बनाता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सूचना दें।








