सिरोही निकाय चुनाव: मतदान खत्म होते ही सियासी हलचल तेज, प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की चर्चाएं

सिरोही निकाय चुनाव: मतदान खत्म होते ही सियासी हलचल तेज, प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की चर्चाएं

कांग्रेस प्रत्याशियों को 65 किमी दूर रिसॉर्ट में ठहराने की चर्चा, भाजपा के प्रत्याशियों को रणकपुर क्षेत्र में रखने की खबर; आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

सिरोही। निकाय चुनाव का मतदान खत्म होने के साथ ही सिरोही में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रत्याशियों का भाग्य EVM में बंद हो चुका है, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए अब बहुमत का गणित और बोर्ड गठन की रणनीति सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। संभावित जोड़-तोड़ और सेंधमारी की आशंका के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कोशिश में जुटे नजर आ रहे हैं।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस ने सिरोही नगर परिषद के अपने प्रत्याशियों को शहर से करीब 65 किलोमीटर दूर एक बड़े रिसॉर्ट में ठहराया है। वहीं भाजपा के प्रत्याशियों को भी सिरोही से बाहर रणकपुर के आसपास किसी सुरक्षित स्थान पर रखे जाने की चर्चाएं हैं।

हालांकि, कांग्रेस और भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

काफिले की आवाजाही से बढ़ी चर्चाएं

चुनाव के बाद कांग्रेस प्रत्याशियों से जुड़े एक काफिले की आवाजाही का वीडियो सामने आने के बाद बाड़ेबंदी की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि काफिला एक बड़े रिसॉर्ट की ओर पहुंचा।

हालांकि, केवल काफिले की आवाजाही के आधार पर यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि कांग्रेस के प्रत्याशियों को उसी रिसॉर्ट में ठहराया गया है। उनके वहां ठहरने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

12 बोतलों का कैरेट ले जाता वाहन भी चर्चा में

इसी बीच सिरोही टोल के पास पानी की करीब 12 बोतलों का कैरेट लेकर एक वाहन शिवगंज की ओर जाता दिखाई दिया। इस वाहन की आवाजाही को भी सोशल मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में बाड़ेबंदी से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, सिर्फ पानी की बोतलें लेकर जा रहे किसी वाहन के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है कि प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी की गई है। वाहन किसके लिए और किस उद्देश्य से जा रहा था, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

भाजपा के प्रत्याशियों को रणकपुर में रखने की चर्चा

दूसरी ओर भाजपा के प्रत्याशियों को भी सिरोही से बाहर रणकपुर क्षेत्र के आसपास किसी सुरक्षित स्थान पर रखे जाने की चर्चाएं हैं।

राजनीतिक जानकार इस तरह की कवायद को चुनाव परिणाम आने तक संभावित विजयी प्रत्याशियों को एकजुट रखने और दूसरे दलों की संभावित सेंधमारी से बचाने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी नजर

मतदान के बाद कुछ निर्दलीय प्रत्याशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की चर्चाएं हैं। यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय पार्षद बोर्ड गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजर उन निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी बनी हुई है, जिनके जीतने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

वार्डवार गणित में जुटे प्रत्याशी

मतदान के बाद अब प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने-अपने वार्ड के मतदान प्रतिशत का विश्लेषण कर रहे हैं। कौन से बूथ पर ज्यादा मतदान हुआ, किस इलाके में किस प्रत्याशी का वोट मजबूत रहा और बहुमत के लिए कितने पार्षदों की जरूरत होगी—इन्हीं सवालों को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं।

भाजपा और कांग्रेस कार्यालयों में भी समर्थकों की आवाजाही बनी हुई है।

अब EVM खुलने का इंतजार

फिलहाल प्रत्याशियों का भाग्य EVM में बंद है। चुनाव परिणाम आने तक बाड़ेबंदी की चर्चाएं, संभावित जोड़-तोड़ और बोर्ड गठन का गणित सिरोही की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

हालांकि कांग्रेस और भाजपा की बाड़ेबंदी को लेकर सामने आ रही जानकारियों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। असली तस्वीर मतगणना और उसके बाद बोर्ड गठन के समय ही पूरी तरह साफ होगी।

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