बंगाल शपथ ग्रहण के दौरान एक तस्वीर की काफी चर्चा हुई थी. इसमें एक बुजुर्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गले मिला और फिर उनके पैर छुए थे. वह पार्टी सबसे पुराने कार्यकर्ता रहे हैं. उनका माखनलाल सरकार है. वह जनसंघ के संस्थापक रहे श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथी रहे हैं.
उन्होंने कहा कि मोदी जी ने मुझे सम्मानित किया. उन्होंने मेरे काम को सराहा है. मेरा सपना एक राष्ट्र, एक संविधान, एक नेता’ अब पूरा हो गया है. अब मेरी मांग है कि बंगाल पीछे न छूटे. नए मंत्रियों के शामिल होने से स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में विकास की गति तेज़ होनी चाहिए. मेरी मांग है कि काम की तलाश में किसी को भी बंगाल छोड़कर बाहर न जाना पड़े
उन्होंने मुझे शॉल दिया, मुझे गले लगाया. हमारे बारे में सुना कि वो सच्चे आदमी हैं. इसलिए उन्होंने हमें प्रणाम किया. आगे भी किया है. यह हमारी संस्कृति है कि हमारी उम्र के आदमी को, और सच्चे आदमी को प्रणाम करना. शिल्प, शास्त्र और शिक्षा में काम होना चाहिए. बंगाल का आदमी बाहर नहीं जाना चाहिए काम के लिए. यही हमारी मांग है सरकार से, बस. इसके आगे बंगाल का मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी प्रणाम किया. बाकी सारे किए हैं. तो बंगाल में आज एक मामूली आदमी को उठाकर सभी के सामने रखा है

बंगाल में राष्ट्रवादी आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे हैं
माखनलाल सरकार देश के राष्ट्रवादी आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे हैं. उन्होंने श्यामाप्रसाद मुखर्जी, अटल बिहारी समेत जनसंघ के कई नेताओं के साथ काम किया था. वह बंगाल में लगातार जनसंघ की विचाराधारा को बढ़ाने के लिए काम करते रहे. इसलिए बंगाल में पहली बार मुख्यमंत्री बनाने के बाद बीजेपी ने अपने पुराने कार्यकर्ता का सम्मान किया था. जो पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया








