ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उन राज्य सरकारों की कड़ी आलोचना की है, जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित विध्वंस सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं और बुलडोजर का उपयोग कर नागरिकों पर जुल्म ढा रही हैं. इसके अलावा उन्होंने RSS और PM मोदी पर भी निशाना साधा
ट्वीट करके उठाई सुप्रीम कोर्ट निर्देशों के पालन की मांग
एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में ओवैसी ने लिखा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट दिशानिर्देश दिए हैं कि विध्वंस से पहले नोटिस और उचित प्रक्रिया अनिवार्य है. लेकिन कुछ राज्य सरकारें बुलडोजर का दुरुपयोग कर गरीबों और अल्पसंख्यकों के घरों को निशाना बना रही हैं. यह जुल्म की ऐसी शक्ल है, जो मिटाए नहीं मिटती, ऐसी नार है, जो दबाए नहीं दबती.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि बुलडोजर कार्रवाइयां संविधान के खिलाफ हैं और लोकतंत्र को कमजोर करती हैं.
ओवैसी ने साहिर की पंक्तियों, ‘जुल्म बस जुल्म है, आगाज से अंजाम तलक,’ का हवाला देते हुए कहा कि अत्याचार का अंत हमेशा बुरा होता है. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की कि वे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करें और बुलडोजर की राजनीति को बंद करें. उन्होंने आगे लिखा, ‘खून फिर खून है, सौ शक्ल बदल सकता है और चेतावनी दी कि अन्याय की शक्लें बदल सकती हैं, लेकिन जनता का गुस्सा और न्याय की पुकार कभी दब नहीं सकती
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ओवैसी ने साधा RSS और प्रधानमंत्री पर निशाना
एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘मालूम ये हुआ की आरएसएस का एक भी आदमी मुल्क के आज़ादी में जान नहीं गवाया’ और प्रधानमंत्री पर कटु टिप्पणी करते हुए कहा कि आज प्रधानमंत्री जो बातें कर रहे हैं, ‘वो बिलकुल गलत हैं’. ओवैसी ने प्रधानमंत्री की आरएसएस की तारीफ पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री जी इतनी तारीफ़ करते हैं न RSS का, प्रधानमंत्री जी बता दें वो जो दुआ पढ़ते हैं उसका क्या मतलब है. प्रधानमंत्री जी खुद कहते हैं की RSS के हैं वो, हाँ आप होंगे RSS के लिए’.
ओवैसी ने आगे कहा, ‘मैं आपको बताना चाहता हूँ आपने ऐसा कानून बना दिया जिससे आप हमारी मस्जिदे छीन लेंगे, हमारे शमशान छीन लेंगे, दरगाह छीन लिया. आज हमारी मस्जिदों में जाने से रोक रहे है. हद्द तो तब हो गई I LOVE MODI बोल सकते हो लेकिन I LOVE MOHAMMAD नहीं बोल सकते है. अगर हम मुस्लमान है तो मुहम्मद की वजह से है उसके आगे उसके पीछे कुछ नहीं है. क्या करना चाहते हो आप. प्रधानमंत्री का फोटो लगाएंगे तो चलेगा
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