सुमेरपुर। शहर के ऐतिहासिक सिंहप्रस्थ सरोवर (सिनप तालाब) के सौंदर्यीकरण पर नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन बारिश के मौसम में यही सरोवर शहर के गंदे पानी और कचरे का ठिकाना बनता नजर आ रहा है।
बारिश होने पर शहर के विभिन्न नालों का पानी बहते हुए सीधे सिंहप्रस्थ सरोवर में पहुंचता है। इसके साथ प्लास्टिक, कचरा, मिट्टी और अन्य गंदगी भी तालाब में आ जाती है। सामने आई तस्वीरों में जल निकासी स्थल के पास बड़ी मात्रा में कचरा जमा दिखाई दे रहा है, जबकि तालाब का पानी भी गंदा नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर पालिका करोड़ों रुपये खर्च कर सिंहप्रस्थ सरोवर का सौंदर्यीकरण कर रही है, तो क्या यह तालाब शहर का गंदा बारिश का पानी और कचरा जमा करने के लिए बनाया जा रहा है? यदि बरसात के दौरान शहर का गंदा पानी लगातार तालाब में आता रहेगा, तो सौंदर्यीकरण का उद्देश्य कैसे पूरा होगा?
लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी समय-समय पर सफाई करते हैं, लेकिन समस्या केवल सफाई की नहीं है। असल मुद्दा यह है कि बारिश के दौरान शहर के नालों का गंदा पानी और उसके साथ आने वाला कचरा सीधे तालाब में पहुंच रहा है। जब तक इसके लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की जाएगी, तब तक हर बारिश के बाद यही स्थिति दोहराई जाएगी।
अब आमजन मांग कर रहे हैं कि नगर पालिका बारिश के पानी की निकासी की ऐसी व्यवस्था करे जिससे शहर का कचरा और गंदा पानी सीधे सिंहप्रस्थ सरोवर में न पहुंचे। लोगों का कहना है कि यदि करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं तो तालाब की स्वच्छता और संरक्षण के लिए भी ठोस योजना बनाई जानी चाहिए।
उठ रहे हैं ये सवाल
- करोड़ों रुपये के सौंदर्यीकरण के बाद भी बारिश का गंदा पानी तालाब में क्यों पहुंच रहा है?
- क्या नगर पालिका ने बरसाती पानी के साथ आने वाले कचरे को रोकने की कोई व्यवस्था की है?
- क्या सिंहप्रस्थ सरोवर की स्वच्छता केवल कागजों तक सीमित रह जाएगी?








