
राजस्थान की राजधानी जयपुर को “पिंक सिटी” कहा जाता है, लेकिन दिवाली के दिनों में यह शहर मानो “गोल्डन सिटी” में तब्दील हो जाता है। यहाँ की सड़कों, चौकों, बाजारों और ऐतिहासिक इमारतों पर इतनी शानदार रोशनी होती है कि पूरा शहर किसी परीकथा की दुनिया जैसा लगने लगता है।जयपुर की दिवाली की इन विशेषताओं के कारण इसे देश की सबसे उत्तम रोशनी का शहर कहा जाने लगा है।

जयपुर की दीपावली इस बार कुछ अलग और विशेष है। गुलाबी नगरी की चारदीवारी में सजी दीपावली की रोशनी इस वर्ष ‘शक्ति’ थीम पर आधारित है और इसे ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित किया गया है। देशभक्ति और देवशक्ति का संगम बन चुकी इस सजावट को देखने के लिए न सिर्फ देश बल्कि विदेशों से भी पर्यटक बड़ी संख्या में जयपुर पहुंच रहे हैं।

चारदीवारी में देश की सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
इस बार चारदीवारी क्षेत्र को शक्ति, सामर्थ्य और स्वाभिमान के प्रतीक के रूप में सजाया गया है। सड़कों और चौपालों पर भारतीय नौसेना के जहाज, जैगुआर और तेजस जैसे लड़ाकू विमान, भारत माता की प्रतिमा और ब्रह्मोस मिसाइल की झांकियां रोशनी के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। यह सजावट भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता के संदेश को दर्शा रही है।

बड़ी चौपड़ पर हनुमानजी कर रहे आरती
जयपुर की बड़ी चौपड़ पर भगवान हनुमान जी की विशाल झांकी स्थापित की गई है, जहां वे दीपमालाओं के बीच आरती करते हुए नजर आ रहे हैं। यह दृश्य श्रद्धा और शक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहा है। भगवान शिव की भव्य मूर्तियों और पारंपरिक सजावट के साथ पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा है
देश-विदेश के पर्यटक हुए मोहित
हर साल की तरह इस बार भी जयपुर की दीपावली सजावट ने लोगों का मन मोह लिया है, लेकिन ‘शक्ति’ थीम के कारण इस बार आकर्षण और भी बढ़ गया है। चारदीवारी की रोशनी और देशभक्ति से ओत-प्रोत सजावट को देखने के लिए देश-विदेश से पर्यटक जयपुर पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय बाजारों में भी रौनक बढ़ गई है।











