मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में महिला आत्मनिर्भरता को मिली नई उड़ान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में महिला आत्मनिर्भरता को मिली नई उड़ान
जयपुर, 05 मार्च।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से मजबूत करने तथा महिला सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष के बजट में भी रूरल विमेन बीपीओ, राज सखी स्टोर, अमृत पोषण वाटिकाओं का निर्माण, किशोरी बालिका योजना का विस्तार, मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के अंतर्गत ऋण सीमा में वृद्धि सहित ऐसी अनेक घोषणाएं की गई हैं, जिससे आधी आबादी सशक्त एवं आत्मनिर्भर बन सके।
राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण एवं वित्तीय समावेशन के तहत किए जा रहे प्रयासों से प्रदेशभर में 16 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक संबल देने एवं रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाने के लिए 100 करोड़ रुपये का व्यय कर जिला स्तर पर रूरल विमेन बीपीओ स्थापित किये जायेंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री लखपति दीदी ऋण योजना के तहत ऋण सीमा भी एक लाख रुपये से बढ़ाकर एक लाख 50 हजार रुपये करने का बजटीय प्रावधान किया गया है, जिससे महिला उद्यमिता को और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।
50 नवीन एंटरप्राइजेज होंगे शुरू, वित्तीय साक्षरता के लिए सक्षम सेंटर्स
राजीविका के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। सरकार द्वारा इस वर्ष की बजटीय घोषणा के तहत राजीविका के अन्तर्गत संगठित 100 क्लस्टर लेवल फेडरेशन के कार्यालय एवं अन्य उपयोग के लिए भवन उपलब्ध करवाये जायेंगे। साथ ही, इन कार्यालयों में डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता के लिए ‘सक्षम सेंटर’ भी शुरू किए जाएंगे। स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाये गये उत्पादों की बेहतर ब्रांडिंग, डिजाइनिंग एवं पैकेजिंग कर डेयरी, टैक्सटाइल, फुटवियर, मिलेट्स एवं मसाले इत्यादि से सम्बन्धित क्षेत्रों के 50 नवीन एंटरप्राइजेज स्थापित किये जायेंगे। साथ ही, राज्य सरकार द्वारा इन उत्पादों की ब्रिक्री के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों से समन्वय भी किया जाएगा।
5 हजार महिलाएं बनेंगी ‘बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट’ सखी
राज्य सरकार महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में सभी संभागीय मुख्यालयों पर ‘राज सखी स्टोर्स’ स्थापित किए जाएंगे, जिससे राजीविका से जुड़ी महिलाओं को उद्यम को सफल बनाने के लिए आवश्यक क्षमता संवर्द्धन मिल सके। इस हेतु सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से सेंटर फोर एंटरप्रेन्योरशिप एण्ड कैपिसिटी बिल्डिंग स्थापित किये जायेंगे। मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत ऋण की सीमा 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान भी किया गया है। वहीं, स्वयं सहायता समूह की लगभग 5 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित कर ‘बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट’ सखी बनाया जायेगा।
11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं का होगा निर्माण
राज्य सरकार द्वारा महिला स्वयं सहायता समूह की आजीविका संवर्द्धन के लिए 11 हजार अमृत पोषण वाटिकाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे आंगनबाड़ी केन्द्रों व स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए स्थानीय स्तर पर फल, सब्जी भी उपलब्ध हो सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी अर्ली चाइल्डहुड केयर एण्ड एजुकेशन कोर्स करवाया जाएगा। साथ ही, प्रदेश की एक हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रतिष्ठित संस्थानों से विशिष्ट प्रशिक्षण दिलवाया जायेगा।
इस वर्ष के बजट में आकांक्षी जिले करौली, धौलपुर, बारां, जैसलमेर एवं सिरोही में संचालित ‘किशोरी बालिका योजना’ का विस्तार किया गया है। अब यह योजना राज्य के समस्त 27 आकांक्षी ब्लॉक्स में शुरू की जाएगी, जिससे 50 हजार से अधिक किशोरी बालिकाएं पूरक पोषाहार से लाभान्वित हो सकेंगी। राजकीय कार्यालयों में कार्यालय समय में 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों की देखभाल के लिए चरणबद्ध रूप से ‘मुख्यमंत्री शिशु-वात्सल्य सदन’ खोले जायेंगे।
कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की संख्या अब 600
महिला सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। महिलाओं के विरूद्ध सार्वजनिक स्थानों पर छेड़छाड़, घरेलू हिंसा एवं अन्य अपराधों की रोकथाम के लिए कार्यरत कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की संख्या को चरणबद्ध रूप से 500 से बढ़ाकर 600 किया जाएगा। वहीं, 100 पुलिस थानों में महिला बैरक विकसित किये जायेंगे। पर्यटकों की सुरक्षा व सहयोग के लिए पर्यटन सहायता बल कैडर का सुदृढ़ीकरण हेतु महिला सुरक्षाकर्मियों एवं गाइड्स की नियुक्ति की जायेगी।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को मुख्यमंत्री सुपोषण न्यूट्री-किट, लाडो प्रोत्साहन, मुख्यमंत्री नारी शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्द्धन, मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन, सोलर दीदी एवं लखपति दीदी जैसी योजनाओं से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। महिलाएं इन योजनाओं से लाभान्वित होकर सशक्त हुई हैं तथा उनकी निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ी है। इन प्रयासों से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही, वे राज्य के विकास में अहम भागीदारी भी सुनिश्चित करेंगी।

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