जालोर जिले के चितलवाना के सेसावा क्षेत्र में एक सरकारी शिक्षक पर नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर पंचायत भवन के सरकारी क्वार्टर में बुलाने और अनुचित हरकत का प्रयास करने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और दो पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार कक्षा 12वीं की एक छात्रा को ग्राम पंचायत भवन की ओर जाते देखा था। उस समय पंचायत भवन में बीएलओ राजेंद्र मीणा, प्राइमरी स्कूल शिक्षक मनोहरलाल साहू और दो अन्य शिक्षक मौजूद थे। कुछ ग्रामीण छात्रा के पीछे-पीछे वहां पहुंचे लेकिन छात्रा वहां नहीं मिली। मौके पर मौजूद शिक्षक मनोहरलाल साहू को ग्रामीणों ने रोक लिया और उसका मोबाइल छीनकर जांच की।
मोबाइल के व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम में कुछ बच्चियों से हुई बातचीत मिली, जिसके बाद उन्होंने शिक्षक पर छात्रा को गलत इरादे से बुलाने का आरोप लगाया। इस आरोप के बाद मौके पर दो गुट आमने-सामने हो गए, एक पक्ष शिक्षक का बचाव कर रहा था, जबकि दूसरा पक्ष उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा था। विवाद बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की लेकिन वहां छात्रा मौजूद नहीं थी। साथ ही प्रारंभिक स्तर पर पुलिस को छेड़छाड़ या किसी आपराधिक कृत्य का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला। इसके बावजूद ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और मौके की परिस्थितियों के आधार पर शिक्षक मनोहरलाल साहू को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने बताया कि छात्रा के परिवार की ओर से अभी तक किसी भी प्रकार की शिकायत या रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत न मिलने के कारण शिक्षक को शांति भंग की धारा में हिरासत में लेकर एसडीएम के समक्ष पेश किया जाएगा।










