पाली जिले के जवाई बांध डाग बंगले में शनिवार शाम को बांध के जल वितरण को लेकर बैठक हुई। यह बैठक संभागीय आयुक्त प्रतिभा सिंह की अध्यक्षा में हुई। जिसमें तय हुआ कि इस बार सिंचाई के लिए 4900 व पेयजल के लिए 2949 एमसीएफटी पानी आरक्षित रहेगा। जिस पर सभी ने सहमति जारी की।
जवाई सहित सेई, कालीबोर, सिंदरू, तखतगढ़, बलवना, गलदेरा व दुजाना बांधों को मिलाकर कुल 7817 एमसीएफटी पानी आरक्षित किया गया। हालांकि सिंचाई के लिए 5229 व पेयजल के लिए 3392 एमसीएफटी पानी मांगा था। पेयजल कोटे में 32 एमसीएफटी अक्टूबर के 4 दिनों में खर्च हो चुका है। यह आरक्षण पिछले साल सिंचाई के लिए दिए पानी से 500 एमसीएफटी ज्यादा है। यह पानी पाली, जालोर के 57 गांवों की 38 हजार 671 हेक्टेयर भूमि में चारों पाण के लिए पर्याप्त है। पेयजल के लिए भी 236 एमसीएफटी पानी अधिक मिला है इस बार। यह पानी 10 शहर और 868 गांवों की 25 अगस्त 2026 तक प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त है।
बैठक में जालोर-सिरोही सांसद लुबाराम चौधरी, केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत, जिला कलेक्टर पाली लक्ष्मी नारायण मंत्री, आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित, पाली पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू, जिला कलेक्टर जालोर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, पुलिस अधीक्षक जालोर शैलेंद्रसिंह इंदोलिया,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चैन सिंह,सीओ सुमेरपुर जितेंद्र सिंह राठौड़, सुमेरपुर थाना अधिकारी रविंद्र सिंह और सदर थाना अधिकारी भगाराम मीणा, सुमेरपुर आहोर किसान संघर्ष समिति अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, डेयरी अध्यक्ष प्रताप सिंह बिटिया, प्रेमाराम देवासी, रघुवीर सिंह,समेत संगम अध्यक्षों एवं किसान नेता मौजूद थे।
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