साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जांच, चौंकाने वाले खुलासे… जोधपुर पुलिस ने आठ सवालों की लिस्ट तैयार

साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की जांच, चौंकाने वाले खुलासे… जोधपुर पुलिस ने आठ सवालों की लिस्ट तैयार

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत की गुत्थी अभी तक सुलश नहीं पाई है. पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में भी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका. पुलिस को अब विसरा रिपोर्ट और फॉरेंसिक साइंस लैब की जांच रिपोर्ट का इंतजार है. पुलिस यह पता करने की कोशिश में है कि अगर यह नेचुरल डेथ है तो इसकी वजह क्या रही और अगर हत्या हुई तो इसके पीछे किसने और क्यों साजिश रची

पुलिस फॉरेंसिक लैब की टीम के साथ प्रेम बाईसा के आश्रम पहुंची. जांच के दौरान प्रेम बाईसा के पिता वीरम नाथ और सेवादार सुरेश भी पुलिस के साथ मौजूद रहे. मौत वाले दिन सुबह साध्वी प्रेम बाईसा के लिए खाना सेवादार सुरेश ने ही बनाया था. इसी को ध्यान में रखते हुए फॉरेंसिक टीम ने आश्रम से खाने के सैंपल लिए हैं. जोधपुर पुलिस ने इस मामले में शुरुआती पूछताछ के लिए आठ सवालों की सूची तैयार की है. ये सवाल कंपाउंडर देवी सिंह, प्रेक्षा अस्पताल के मालिक डॉक्टर प्रवीण जैन, सेवादार सुरेश और मामा गंगाराम से पूछे जा रहे हैं

इन सवालों में घटना वाले दिन का पूरा घटनाक्रम, सभी संबंधित लोगों का बैकग्राउंड, उनकी शैक्षणिक डिग्रियां, कार्यस्थल, इलाज से जुड़े दस्तावेज बैंक खातों और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ी जानकारी शामिल है. इस मामले में सेवादार सुरेश ने पुलिस को चौंकाने वाली जानकारी दी. सुरेश के मुताबिक, साध्वी प्रेम बाईसा 27 जनवरी की रात अजमेर से जोधपुर पहुंचीं और पाल रोड स्थित आरती नगर के आश्रम में रुकीं. अगले दिन सुबह उन्हें गले में खराश की शिकायत थी. उन्होंने गरारे किए और दोपहर में काढ़ा भी पिया

28 जनवरी की शाम करीब पांच बजे साध्वी ने आश्रम के सेवादार सुरेश को फोन कर बताया कि डॉक्टर आया है और गेट खोलने को कहा. गेट खोलने पर नर्सिंगकर्मी देवी सिंह वहां मौजूद था, जो साध्वी के कमरे में गया. उस समय सेवादार सुरेश कमरे में मौजूद नहीं था

सेवादार के अनुसार, कंपाउंडर मात्र 1-2 मिनट के अंदर साध्वी के कमरे से बाहर चला गया. उसके बाद ही साध्वी की तेज आवाज सुनाई दी. जब तक सेवादार सुरेश अपने कमरे से दौड़कर बाहर आता, तब तक साध्वी आश्रम के मुख्यद्वार के पास गिर चुकी थीं. उसी समय उनके पिता वीरमनाथ भी मौके पर पहुंचे. पिता ने कार स्टार्ट की और सुरेश ने साध्वी को उठाकर कार में लिटाया. रास्ते में साध्वी की सांसें अटकने लगीं और इस दौरान सुरेश ने सीपीआर देने की भी कोशिश की. सुरेश का कहना है कि उस दौरान साध्वी कह रही थीं कि पापा मुझे न्याय दिला देना. साध्व को पाल रोड स्थित प्रेक्षा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया

साध्वी की हत्या में सबसे अहम पहलू उनको लगाया गया इंजेक्शन है. नर्सिंगकर्मी देवी सिंह ने स्वीकार किया कि उसने साध्वी को दो इंजेक्शन डेक्सोना और डायनापार दिए थे. इसके अलावा कोई अन्य दवा नहीं दी गई. सेवादार सुरेश ने पुलिस को बताया कि अंतिम समय में साध्वी के हाथों के नाखून नीले पड़ गए थे. इसी बिंदु को ध्यान में रखते हुए पुलिस मेडिकल दस्तावेजों और इलाज की प्रक्रिया की गहन जांच कर रही है. मीडिया से बातचीत में सेवादार सुरेश ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद काफी मानसिक दबाब में थी.

ऐसे में पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या पिछले वर्ष वायरल हुआ कोई वीडियो साध्वी की संदिग्ध मौत से किसी तरह जुड़ा हुआ है. इसके साथ ही साध्वी के कॉल रिकॉर्ड, हालिया यात्राओं, मुलाकातों, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और आय से संबंधित जानकारियों की भी जांच की जा रही है. एसआईटी सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज और पूछताछ से मिले बयानों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Feedback Form

Name *
Email *
Phone *
Feedback Message

Membership Form

Name *
Email *
MOBILE *
Upload Aadhar (front side) *
Maximum file size: 10 MB
Upload Aadhar (Back Side) *
Maximum file size: 10 MB
Photo *
Maximum file size: 10 MB
Message

Advertise Your Business with Us

Name *
Email *
Phone *
Message

Our Payment Details

Bank Details

Bank Name:- 

A/C Name:- 

A/C Number:- 

IFSC Code:- 

QR Code

Scan This Code to Pay

Reporter Joining Form

Name *
Email *
MOBILE *
Upload Aadhar (front side)
Maximum file size: 10 MB
Upload Aadhar (Back side)
Maximum file size: 10 MB
Photo *
Maximum file size: 10 MB
Message