डीग जिले में पुलिस ने 9 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया पर आसान GK सवाल का जवाब देने के बदले लोगों को iPhone 17 देने का लालच देकर ठग रहे थे ये शातिर ठग सबसे पहले सोशल मीडिया पर किसी बड़ी कंपनी के नाम का ट्रेंड बनाते थे. वे लोगों से साधारण सामान्य ज्ञान (GK) या अन्य विषय से जुड़े आसान सवाल पूछते थे. विज्ञापन में लिखा जाता था कि सही जवाब देने वाले को डेढ़ लाख रुपये कीमत का iPhone 17 जैसे महंगे गिफ्ट दिए जाएंगे. जैसे ही कोई व्यक्ति जवाब देता, उसे Winner घोषित कर दिया जाता था. इसके बाद, ठग विनर्स से रजिस्ट्रेशन चार्ज के नाम पर करीब ₹500 डलवाते थे. फिर, जीएसटी (GST) चार्ज देने के बहाने ₹15,000 से ₹20,000 तक की बड़ी रकम ट्रांसफर करवा लेते थे. धीरे-धीरे कूरियर चार्ज और अन्य बहाने बनाकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया जाता था. बताया जा रहा है कि कई लोग इस तरीके से 5-5 लाख रुपये तक गंवा चुके हैं

थानाधिकारी टीकम सिंह गुर्जर ने बताया कि ठग पहले सेक्स टॉर्शन के जरिए सबसे ज्यादा ठगी करते थे. इसमें सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर लोगों से संपर्क साधा जाता था और वीडियो कॉल के दौरान सामने वाले शख्स की नग्न वीडियो रिकॉर्ड करके ब्लैकमेलिंग की जाती थी. हालांकि, हाल के दिनों में इन्होंने ट्रेंड बदलकर ऑनलाइन प्रतियोगिता को अपना मुख्य हथियार बना लिया था. पुलिस के मुताबिक, ये साइबर ठग पिछले 4 सालों से ठगी के कार्य को अंजाम दे रहे थे और अब तक करोड़ों रुपये का फ्रॉड कर चुके हैं. फर्जी सिम कार्ड का उपयोग करके वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार अपनी पहचान बदलते रहते थे, जिससे उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था
पुलिस ने 16 मोबाइल फोन, 16 ATM कार्ड, फर्जी सिम कार्ड और एक थार गाड़ी बरामद की है. पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि ये लोग सेक्स टॉर्शन के जरिए भी लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और फिर मोटी रकम वसूलते थे. लेकिन उसके बारे में लोग जागरूक होने लगे थे, इसीलिए ज्यादातर ऑनलाइन प्रतियोगिता के नाम पर ठगी करके ही इनकी मोटी कमाई हो रही थी
डीग के एसपी ओमप्रकाश मीणा के निर्देश पर, कैथवाड़ा और सिकरी पुलिस ने साइबर ठगों के ठिकानों पर दबिश दी और इस गिरोह का भंडाफोड़ किया. सिकरी थाना अधिकारी टीकम सिंह गुर्जर ने बताया कि ‘ऑपरेशन एंटीवायरस’ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है और गिरफ्तार किए गए सभी 9 ठगों से पुलिस गहनता से पूछताछ कर रही है, जिससे उनके फ्रॉड नेटवर्क और ठगी के शिकार हुए लोगों के बारे में और जानकारी मिल सके. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक या संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें











