मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया है कि राजस्थान में पेट्रोल-डीजल, गैस और उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क है और व्यवस्थाओं को मजबूत बनाया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित सर्वदलीय बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति के बीच तेल, गैस और उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा की गई। इस दौरान सभी दलों से सामूहिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया। विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिया।
सीएम ने बताया कि आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। वहीं, जिला स्तर पर कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 112 और 14435 चौबीसों घंटे संचालित हैं।
मुख्यमंत्री ने आमजन से एलपीजी के अवैध भंडारण और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि घरेलू गैस वितरण में ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है और डिलीवरी के समय पासबुक में एंट्री भी जरूरी होगी।
सरकार ने सिटी गैस कंपनियों को पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन तेजी से बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल, होटल और रेस्टोरेंट जैसे संस्थानों को प्राकृतिक गैस अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। किसानों के लिए यूरिया और डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर काम कर रहे हैं। बैठक में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित विभिन्न दलों के विधायक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







