विधायक कोष से अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोपों में घिरे विधायकों के खिलाफ क्या एक्शन होता है यह देखने वाली बात होगी। लेकिन फिलहाल के लिए राज्य सरकार ने आरोपों में घिरे विधायकों के विधायक कोष पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही बीजेपी ने खींवसर विधायक रेवत राम डांगा व कांग्रेस ने भरतपुर से विधायक अनिता जाटव को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए हैं।
एक समाचार पत्र के स्टिंग ऑपरेशन में खींवसर से विधायक रेवंतराम डांगा (Khinwsar MLA) द्वारा MLA फंड के नाम पर कमीशनखोरी की बात सामने आने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा को भेजे कारण बताओ नोटिस में मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार यह कार्रवाई की जा रही है
राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए राज्य के मुख्य सतर्कता आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग) की अध्यक्षता में मुख्य सचिव और डीजीपी को शामिल करते हुए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।
राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष ने खींवसर विधायक डांगा को भेजे नोटिस में कहा कि तीन दिन के भीतर लगाए गए आरोपों के संबंध में अपना लिखित स्पष्टीकरण सक्षम प्राधिकारी को प्रस्तुत करें. नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो पार्टी संविधान के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी

स्टिंग वीडियो वायरल होने पर खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि समाचार पत्र के स्टिंग को निराधार, गलत और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि वह बंदा मेरे पास आया था. वह पहले भी चार बार आ चुका था और कुछ दिन पहले भी आया था. बार-बार आकर वह मुझसे स्वीकृति के बारे में बात कर रहा था.
मैंने उससे कहा कि जो स्वीकृति दी जाती है, वह गांव वालों की मांग और धरातल स्तर पर जनप्रतिनिधियों तथा गांव के लोगों से पूछ-समझकर, उनकी मांग के अनुरूप ही स्वीकृति निकाली जाती है. उस दिन भी वह मुझे पैसे देने की कोशिश कर रहा था और कह रहा था कि आप कुछ गिफ्ट ले लीजिए. मैंने उससे साफ कहा कि भाई, यह क्या कर रहे हो, हमें कोई गिफ्ट नहीं चाहिए, न हमें पैसा चाहिए और न ही मैं इस तरह स्वीकृति दूंगा
वहीं, कांग्रेस ने भी मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से संज्ञान लेने की अपील की। डोटासरा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सेवा के लिए चुना जाता है, न कि सौदेबाजी और लूट के लिए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी विधायक निधि जारी करने के बदले रिश्वत लेने के आरोपों को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
मामला सामने आने के बाद इधर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी आज प्रेस कांफ्रेंस कर बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर हमले बोले। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा विधायक निधि जारी करने के एवज में रिश्वत लेने का मामला उजागर होना गंभीर प्रकरण है | विधायकों का यह कृत्य संघीय और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भ्रष्टाचार का बड़ा प्रहार है,एक तरफ देश के प्रधानमंत्री कहते है कि “न खाऊंगा और न खाने दूंगा” मगर दूसरी तरफ ऐसे मामले का सामने आना पीएम की मंशा पर बड़ा सवालिया निशान है। हनुमान ने मामले को लेकर डांगा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की मांग भी सरकार से की। बेनीवाल ने कहा कि ऐसे मामलों से लोकतंत्र की जड़ें कमजोर होंगी। बेनीवाल ने कहा कि इस मामले में कांग्रेस व बीजेपी अपनी पार्टियो के विधायकों को पार्टी से बर्खास्त करें ताकि लोकतंत्र में राजनैतिक दलों की व्यवस्था पर भी जनता का भरोसा बना रहे।







