जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव के परिणामों के बाद भाजपा ने सोमवार शाम प्रदेश कार्यालय में जीत का जश्न मनाया। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए निकाय चुनाव, सत्ता के कथित दुरुपयोग और विपक्ष के आरोपों को लेकर अपनी बात रखी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों को हमेशा अपनी कुर्सी का डर रहता था, इसलिए हर तीन महीने में चुनाव कराने की बात सामने आती थी। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव शुरू होने से पहले ही कांग्रेस की ओर से सत्ता के दुरुपयोग की बातें कही जाने लगी थीं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब चुनाव शुरू ही नहीं हुए थे, तब सत्ता के दुरुपयोग की बात कैसे कही जा सकती थी।

‘कभी कहते हैं अधिकारी नहीं सुनते, कभी कहते हैं हमारे हिसाब से काम कर रहे’
सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस नेताओं के प्रशासन से जुड़े बयानों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से कभी कहा जाता है कि मुख्यमंत्री की अधिकारी नहीं सुनते और कभी यह कहा जाता है कि अधिकारी उनके हिसाब से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग बातें करते हैं।

जल समझौतों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
मुख्यमंत्री ने राजस्थान के जल समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने लंबे समय से लंबित चार जल समझौतों को पूरा किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कार्यकाल में ये समझौते अटके रहे, जबकि भाजपा सरकार ने इन्हें आगे बढ़ाया। सीएम ने निकाय चुनाव में भाजपा को मिले परिणामों के लिए प्रदेश की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की और कहा कि राजस्थान लगातार आगे बढ़ रहा है।

मदन राठौड़ बोले- ‘जो कमी रह गई, उसकी समीक्षा करेंगे’
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी निकाय चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और संगठन के अनुभव को जीत का महत्वपूर्ण आधार बताया।
राठौड़ ने कहा कि प्रदेश की जनता ने भाजपा को समर्थन दिया है और पार्टी आने वाले पंचायत चुनावों के लिए भी तैयारी करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी 309 में से सभी 309 निकायों में जीत चाहती थी और जहां कमी रह गई, उसकी समीक्षा की जाएगी।

गुप्त मतदान और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों पर जवाब
मदन राठौड़ ने निकाय अध्यक्ष और महापौर चुनाव में सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों पर कहा कि पार्षद गुप्त मतदान करता है। उन्होंने कहा कि किसी पार्षद का हाथ पकड़कर उसके पक्ष में वोट नहीं डलवाया जा सकता।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए बसपा विधायकों के कांग्रेस में शामिल होने के पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का भी जिक्र किया। राजस्थान में 2009 और 2018 के विधानसभा चुनावों के बाद बसपा के निर्वाचित विधायक कांग्रेस में शामिल हुए थे।
डोटासरा के बयान पर भी पलटवार
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि वे छोटे व्यक्ति हैं और डोटासरा महान व्यक्ति हैं। इसके साथ ही उन्होंने डोटासरा पर कई राजनीतिक आरोप लगाए और कहा कि भाजपा इस तरह की राजनीति नहीं करती।
राठौड़ ने डोटासरा के परिवार को लेकर ओबीसी लाभ से संबंधित भी आरोप लगाए। इन आरोपों को राठौड़ के राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए; संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान के साथ उपलब्ध नहीं है।
भाजपा कार्यालय में जुटे नेता और पदाधिकारी
जीत के जश्न के दौरान प्रदेश कार्यालय में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, महामंत्री श्रवण बगड़ी, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, विधायक बालमुकुंदाचार्य, जयपुर जिले के जिला अध्यक्षों सहित पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में हुए चुनावों में भाजपा ने बड़ी संख्या में वार्ड और अध्यक्ष/महापौर पद हासिल किए हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार निकाय परिणामों में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने-अपने प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दावे किए हैं, जबकि कई निकायों में निर्दलीय पार्षद भी महत्वपूर्ण भूमिका में रहे।




