नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। महाराष्ट्र में पिछले तीन दिनों से मूसलाधार बारिश जारी है। मुंबई-पुणे रेल मार्ग और एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी बारिश से जनहानि और नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं।

मुंबई-पुणे रेल रूट पर लैंडस्लाइड, 20 ट्रेनें रद्द
लगातार बारिश के चलते मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर करजत-लोनावला के भोर घाट सेक्शन में दो स्थानों पर लैंडस्लाइड हो गया। इसके चलते रेलवे की तीनों लाइनें प्रभावित हो गईं और सुरक्षा के मद्देनजर 20 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। रेलवे की टीमें मलबा हटाकर ट्रैक बहाल करने में जुटी हैं।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भी प्रभावित
भारी बारिश के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी भूस्खलन होने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। प्रशासन ने प्रभावित हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और रास्ता साफ करने का कार्य जारी है।
मुंबई में तेज हवाएं, स्कूल-कॉलेज बंद
मुंबई में लगातार बारिश के साथ करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। खराब मौसम के कारण शहर में 142 पेड़ उखड़ गए हैं। स्थिति को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने सरकारी, निजी और नगर निगम के सभी स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।
मध्य प्रदेश में बिजली गिरने और डूबने से मौतें
मध्य प्रदेश के भोपाल सहित सात जिलों में रविवार को तेज बारिश हुई। पांढुर्णा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं रायसेन जिले में बेतवा नदी में डूबने से दो नाबालिग बच्चियों की जान चली गई। लगातार बारिश के कारण कालीसिंध नदी भी उफान पर बह रही है।
जम्मू-कश्मीर में भी लैंडस्लाइड
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हो गया। मलबे में 6 से 7 वाहन दब गए। राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और वाहनों को निकालने के कार्य में जुटे हुए हैं।
महाराष्ट्र में प्रशासन अलर्ट मोड पर
लगातार खराब मौसम को देखते हुए महाराष्ट्र प्रशासन ने लोगों से केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है। लोगों को पेड़ों, जर्जर इमारतों, होर्डिंग्स और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही वाहनों को पेड़ों के नीचे पार्क नहीं करने और समुद्र तट व जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है।
स्थिति से निपटने के लिए करीब 15 हजार अधिकारी और कर्मचारियों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक बीएमसी हेल्पलाइन 1916 पर संपर्क कर सकते हैं।




