राजस्थान के सिरोही जिले के शिवगंज शहर में 27 मई को एक अत्यंत संवेदनशील और आक्रोश पैदा करने वाली घटना सामने आई, जब शहर में एक गोमाता का कटा हुआ सिर मिलने की सूचना मिली। इस घटना के सामने आते ही स्थानीय लोगों और विभिन्न हिन्दू संगठनों में भारी रोष व्याप्त हो गया और शहर का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना के बाद हिन्दू संगठनों और शहरवासियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने का प्रयास किया और गोमाता के सिर का पोस्टमार्टम करवाया गया।
हालांकि, पोस्टमार्टम के बाद कथित रूप से उस सिर को उचित सम्मान और विधि के बजाय कचरे में फेंक दिए जाने की बात सामने आई, जिससे लोगों की भावनाएं और अधिक आहत हो गईं। इस घटना के बाद शहरवासियों और हिन्दू संगठनों में आक्रोश और भी बढ़ गया और प्रशासन के प्रति नाराजगी खुलकर सामने आई।
इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार रात करीब 9 बजे शिवगंज शहर की गोल बिल्डिंग पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और विभिन्न हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए।
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि प्रशासन को 3 दिन का समय दिया जाए, जिसके भीतर इस मामले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो शहर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कानून व्यवस्था बनी रहे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी होने की बात कही जा रही है, वहीं शहर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और संगठनों की रणनीति इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाएगी।
संगठन पदाधिकारी की प्रतिक्रिया
बैठक के दौरान हिन्दू संगठन के पदाधिकारी शेर सिंह मेवाड़ा ने कड़े शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि:
“प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करे। यदि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं हुई और अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगी, तो जन आंदोलन तेज किया जाएगा। जनता अब चुप नहीं बैठेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि कानून के दायरे में रहते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
आगे की स्थिति
बैठक में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यदि 3 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन द्वारा मामले की जांच जारी होने की बात कही जा रही है और शहर में स्थिति पर नजर रखी जा रही है।








