हनुमानगढ़ जिले के गोलूवाला कस्बे में गुरुद्वारा मेहताबगढ़ साहिब के प्रबंधन को लेकर हुए हिंसक विवाद के बाद प्रशासन ने इलाके में शांति और अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है. शुक्रवार शाम से ही मोबाइल और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं ठप हैं, जिससे स्थानीय लोगों का सामान्य जीवन और डिजिटल कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है
गुरुद्वारा मेहताबगढ़ साहिब में शुक्रवार को हुई हिंसक झड़प के बाद इलाके में तनाव चरम पर था. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) जनेश तंवर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि लगभग 100 लोगों के एक समूह ने जबरन गुरुद्वारे में घुसने की कोशिश की, जिससे परिसर में पहले से मौजूद प्रतिद्वंद्वी गुट के सदस्यों से उनकी झड़प हो गई. प्रशासन ने इस विवाद की आग को और फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट बंद करने का फैसला लिया. हिंसा और तनाव की स्थिति में, सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें और भड़काऊ सामग्री तेजी से फैलती है, जो स्थिति को और बिगाड़ सकती है. इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का कदम इसी एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और गलत सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाई जा सके
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गोलूवाला थाने में दो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया है. इलाके में निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू है. रेंज आईजी हेमंत शर्मा ने खुद गोलूवाला पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. स्थिति पर करीब से नजर रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी कल से ही कैंप कर रहे हैं. गोलूवाला एसएचओ ने पीलीबंगा एसडीएम द्वारा नियुक्त रिसीवर के आदेश पर गुरुद्वारे को अपने नियंत्रण में ले लिया है, जिससे आगे की किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, गोलूवाला में तनाव की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. एक बार जब स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी और शांति बहाल होने का भरोसा होगा, तो इंटरनेट सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दिया जाएगा. फिलहाल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और अफवाहों पर लगाम लगाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है
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