भारत सरकार ने हाल ही में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर एक विशेष 100 रुपये का सिक्का और एक डाक टिकट जारी किया है. यह आयोजन दिल्ली के डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन दोनों वस्तुओं का विमोचन किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने इस खास सिक्के और डाक टिकट के महत्व को समझाया और बताया कि यह सिर्फ एक धातु का टुकड़ा नहीं, बल्कि देश भक्ति और सेवा भावना का प्रतीक है
भारत में फिलहाल 50 पैसे से लेकर 20 रुपये तक के मूल्यवर्ग यानी Denominations में सिक्के प्रचलन में हैं. इनमें 1 रुपये, 2 रुपये, 5 रुपये और 10 रुपये के सिक्के आम तौर पर बाजार में आसानी से देखने को मिलते हैं और डेली लाइफ के लेन-देन में बड़े पैमाने पर यूज होते हैं. 20 रुपये का सिक्का हाल के वर्षों में जारी किया गया है और धीरे-धीरे इसका चलन बढ़ रहा है. वहीं, 50 पैसे का सिक्का अब बहुत कम देखने को मिलता है, लेकिन यह अब भी भारतीय मुद्रा प्रणाली में कानूनी रूप से मान्य है. इसका मतलब है कि आप इसे किसी भी सरकारी या बैंक लेन-देन में यूज कर सकते हैं. सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से चलन से बाहर नहीं किया है, इसलिए इसका वैधता का दर्जा अभी भी बना हुआ है. इसके अलावा 75, 90, 125, 150 और 1000 रुपये के सिक्के भी जारी किए गए हैं. हालांकि, इन सिक्कों का इस्तेमाल आम लेन-देन में नहीं किया जाता है 100 रुपये के सिक्के का उपयोग आम लेन-देन में नहीं किया जा सकता क्योंकि ये आम प्रचलन के लिए नहीं बल्कि स्मारक या विशेष अवसर के लिए जारी किए जाते हैं, जैसे डॉ. एमएस स्वामीनाथन की 100वीं जयंती पर जारी किया गया सिक्का, और इन्हें बाजार में सामान्य मुद्रा की तरह स्वीकार नहीं किया जाता है।
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