प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है कि अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों, मजदूरों और आमजन की प्रधानमंत्री ने कोई सुध नहीं ली। जिन किसानों की फसलें, बागान और मवेशी बह गए तथा 200 से अधिक लोगों की जान चली गई, उनके लिए विशेष पैकेज की घोषणा न होना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में केवल कांग्रेस सरकारों पर हमला बोला। जिस जीएसटी के गलत क्रियान्वयन से व्यापारियों और आम जनता पर बोझ बढ़ा, उसमें सुधार करने के बजाय प्रधानमंत्री ने उसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि जीएसटी से जनता को नुकसान हुआ है और इसके लिए प्रधानमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बांसवाड़ा-रतलाम रेल परियोजना और मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने पर कुछ नहीं कहा। यह परियोजना कांग्रेस शासनकाल में शुरू हुई थी और क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे बंद कर दिया।
उन्होंने कहा कि देशभर में नीट, यूजीसी-नेट और अन्य परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में हुईं, लेकिन इस पर प्रधानमंत्री चुप रहे। वहीं राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल-विरोधी कानून बनाया, जिसे बाद में केंद्र सरकार को भी अपनाना पड़ा। डोटासरा ने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने बड़े उद्योग, बांध, शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों का निर्माण कर देश की मजबूत नींव रखी। जबकि मोदी सरकार की पहचान नोटबंदी, गलत जीएसटी और तीन काले कृषि कानूनों से है।
साथ ही भाजपा सरकार ने आदिवासियों के अधिकारों पर हमला किया और उनकी भूमि उद्योगपतियों को सौंप दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का भाषण केवल भ्रामक आरोपों से भरा था, जबकि प्रदेश की वास्तविक समस्याओं पर कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया।