नवरात्रि के मद्देनजर मध्य प्रदेश के मैहर शहर में मांस, मछली और अंडों की बिक्री पर 2 अक्टूबर तक प्रतिबंध लगा दिया गया है. यह जानकारी एसडीएम दिव्या पटेल ने दी थी. उन्होंने कहा कि यह निर्णय त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और पारंपरिक विश्वास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. हालांकि, इस फैसले को लेकर सोशल मीडिया पर तुरंत ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं.
प्रियंका चतुर्वेदी ने किया पटलवार
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एसडीएम के इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने सोशल साइट एक्स पर लिखा कि “वह पूरी तरह से शाकाहारी हैं और अक्सर प्याज-लहसुन भी नहीं खाती. लेकिन उनका कहना है कि धर्म के नाम पर लोगों के खाने-पीने के फैसले पर रोक लगाना बेवकूफ और गैर-जिम्मेदाराना है.”
प्रियंका चतुर्वेदी ने लिखा कि उनका धर्म असहिष्णुता से बहुत दूर है और ऐसे अधिकारी केवल अपनी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा बढ़ाने और तारीफ बटोरने के लिए इस तरह के निर्णय लेते हैं
प्रियंका के मुताबिक धर्म का उद्देश्य लोगों को नैतिक और सामाजिक तौर पर सही राह पर चलने के लिए प्रेरित करना है, न कि उनके खाने-पीने की स्वतंत्रता पर रोक लगाना.
उन्होंने कहा कि यह कदम समाज में मतभेद और असहमति को जन्म दे सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपने व्यक्तिगत विश्वास और जीवनशैली के अनुसार भोजन करते हैं.
छोटे व्यापारियों को होगा नुकसान
वहीं, व्यापारियों का कहना है कि इस प्रकार का बैन उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है. विशेषकर छोटे दुकानदार जो मांस, मछली और अंडों की बिक्री करते हैं, उन्हें इस दौरान भारी घाटा उठाना पड़ सकता है. कई लोग सोशल मीडिया पर भी इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं और इसे धर्म के नाम पर अनावश्यक हस्तक्षेप बता रहे हैं.
मैहर एसडीएम दिव्या पटेल का कहना है कि यह कदम सिर्फ श्रद्धालुओं की सुविधा और सार्वजनिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. उन्होंने कहा कि यह आदेश सिर्फ बिक्री पर लागू होगा, व्यक्तिगत खाने-पीने की स्वतंत्रता पर नहीं







