मथुरा के बलदेव में यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुए हादसे के बाद का मंजर डरावना है। घने कोहरे में एक के बाद एक टकराने से सात बसों और तीन कारों में लगी भीषण आग ने जमकर तबाही मचाई। अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। कई लाशें इस कदर जली हुई हैं कि उनकी पहचान करना भी मुश्किल है।
यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए इस हादसे के बाद भयावहता का आलम कलेजा चीर रहा है। मृतक के परिजनों की चीखें और एंबुलेंस के सायरन की आवाज दिल दहला रही है। घायल अपनोंको तलाशते हुए बदहवास हालत में इधर-उधर दौड़ते नजर आ रहे हैं। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों का दिल कांप उठा।

सात बसों और तीन कारों में लगी आग इतनी भयानक थी कि कई लोगों को तो बचने का मौका ही नहीं मिला। दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया। हादसे के बाद बसों से कंकाल, खोपड़ियां और अधजली लाशें निकालीं गईं, तो देखने वालों का कलेजा कांप गया। आग इतनी भयानक थी कि एक्सप्रेस-वे पर सफेद पट्टी तक पूरी तरह पिघल कर मिट गई। कई लाश बसों की सीटों पर चिपकी हुईं मिलीं। पुलिस ने इन लाशों को बसों से बाहर निकाला। इनको 17 बैग में रखकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया है।

हादसे के बाद मौके पर करीब 14 एंबुलेंस घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी रहीं। 11 दमकलों ने आग पर काबू पाया। इस दौरान टोल के पास ही टैंकरों की व्यवस्था की गई थी, जिससे दमकलों को पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़े। यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए इस हादसे में 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन शिनाख्त अभी तक तीन की ही हुई है। शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल है। ऐसे में मृतकों की शिनाख्त के लिए डीएनए जांच का सहारा लिया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा इस घटना के संबंध में हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए अपर जिलाधिकारी वित्त और राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा के मोबाइल नंबर 9454417583 और एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के मोबाइल नंबर 9454401103 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं हादसे के बाद जलीं सात बसों और तीन कारों को हाइड्रा मशीनों से हटाया गया।










