जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउंड में बुधवार शाम को 4:30 बजे से शुरू हुआ। दीया कुमारी ने नगाड़ा बजाकर घूमर महोत्सव की शुरुआत की। घूमर महोत्सव में प्रदेशभर में एक साथ 6 हजार 100 महिलाओं ने घूमर किया। एक साथ इतनी महिलाओं का घूमर नृत्य एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी को सर्टिफिकेट दिया गया। राजधानी जयपुर में करीब 1500 महिलाओं ने घूमर किया। इस दौरान तलवारबाजी संघ से जुड़ी बच्चियों ने घूमर के साथ तलवारबाजी भी की।

डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा- घूमर राजस्थान की पहचान है और इस कार्यक्रम से लोक-संस्कृति को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने बताया- राज्य सरकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जनभागीदारी बढ़ाने और पर्यटन संभावनाओं को मजबूत करने पर फोकस कर रही है।

रंग-बिरंगी राजपूती पोशाक में सजी महिलाएं एक साथ ग्राउंड में घूमर करने उतरीं। उन्होंने ‘एक बार हो पिया जयपुर शहर पधार जो…’ गीत पर घूमर की सबसे प्राचीन शैली की प्रस्तुति दी। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने राजस्थानी लोकगीतों पर संस्कृति और कला को जीवंत किया।

पर्यटन आयुक्त रुक्मणि रियाड़ ने बताया- इस बार सातों संभागों जयपुर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, कोटा और भरतपुर में एक ही समय पर फेस्टिवल आयोजित किया गया। विभाग के अनुसार इस वर्ष कई संभागों में घूमर फेस्टिवल के लिए रजिस्ट्रेशन अपेक्षा से ज्यादा रहा।
जयपुर और जोधपुर में ज्यादा रजिस्ट्रेशन आने के कारण दोनों संभागों को हाई कैटेगरी अवॉर्ड लिस्ट में रखा गया। यहां बेस्ट ग्रुप डांस, बेस्ट कॉस्ट्यूम, बेस्ट ज्वेलरी, बेस्ट सिंक्रोनाइजिंग और बेस्ट कोरियोग्राफी जैसी कैटेगरीज में 2 लाख 34 हजार रुपए की पुरस्कार राशि बांटी गई। वहीं बाकी 5 संभागों के लिए कुल 1 लाख 4 हजार रुपए के पुरस्कार तय किए गए।











