देश में जितने भी नौकरीपेशा लोग हैं. लगभग सभी का PF खाता होता है. हर महीने सैलरी का एक हिस्सा इस फंड में जमा होता है ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके. अब तक लोग नौकरी छोड़ने के कुछ ही समय बाद अपने PF अकाउंट से पैसा निकाल लेते थे. जब घर में शादी,या घर बनाना हो या फिर किसी जरूरी खर्च के लिए पैसे चाहिए हों.
लेकिन अब कर्मचारियों को थोड़ा इंतजार करना होगा. सरकार और EPFO की ओर से PF निकासी के नियमों में बदलाव किया गया है. इस बदलाव का असर लाखों कर्मचारियों पर पड़ेगा जो भविष्य निधि को एक इमरजेंसी फंड की तरह इस्तेमाल करते हैं. जान लीजिए नए नियम

पहले ऐसे निकाल सकते थे PF के पैसे
पहले के नियमों के मुताबिक अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता था तो वह दो महीने बाद अपने PF खाते से पूरा पैसा निकाल सकता था. यह नियम उन लोगों के लिए था जिन्होंने किसी नई नौकरी में जॉइन नहीं किया था. कई लोग इस पैसे का इस्तेमाल शादी, घर बनाने या कर्ज चुकाने जैसे निजी कामों के लिए करते थे EPFO ने ऐसे मामलों में कुछ शर्तों के साथ जल्द निकासी की अनुमति भी दी थी. मतलब यह कि कर्मचारी नौकरी छोड़ने के 60 दिन बाद अपने PF का बैलेंस निकाल सकता था. यह प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से की जा सकती थी और आमतौर पर एक हफ्ते में पैसा खाते में आ जाता था
PF खातों में नए नियम के मुताबिक अब कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद PF अकाउंट से शादी, घर बनाने या किसी व्यक्तिगत जरूरत के लिए पैसा एक साल बाद ही निकाल सकेगा. यानी अब 2 महीने नहीं बल्कि पूरे 12 महीने इंतजार करना होगा. EPFO का मानना है कि यह कदम लोगों को भविष्य के लिए बचत करने की आदत देगा और फंड को सही मकसद के लिए इस्तेमाल करने में मदद करेगा
हालांकि इमरजेंसी मेडिकल जरूरत या स्थायी विकलांगता जैसे मामलों में पहले की तरह तत्काल निकासी की सुविधा बनी रहेगी. इस बदलाव का उद्देश्य PF अकाउंट को लंबी अवधि की सुरक्षा के रूप में बनाए रखना है. जिससे रिटायरमेंट के वक्त कर्मचारी के पास पर्याप्त रकम बचे











