गौतम अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) को लेकर ब्रोकरेज बुलिश है. नुवामा ने इस पर अपनी ‘खरीदें’ रेटिंग बरकरार रखी है और 1900 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो एक साल में लगभग 32 परसेंट बढ़त को दर्शाता है

ब्रोकरेज नुवामा का कहना है कि रेवेन्यू, EBITDA और PAT में पिछले साल के मुकाबले क्रमशः 30 परसेंट, 26 परसेंट और 27 परसेंट का उछाल आया है, जो लगाए गए अनुमानों से लगभग 1-3 परसेंट ज्यादा है. कंपनी का घरेलू पोर्ट बिजनेस 8 परसेंट बढ़ा है और रेवेन्यू ने 13 परसेंट की बढ़त हासिल की है. कंटेनर वॉल्यूम में भी साल-दर-साल 22 परसेंट की तेजी आई है.
कंपनी का कंटेनर और ओवरऑल कार्गो वॉल्यूम की बाजार में हिस्सेदारी बढ़ी है. हालांकि, कोयले की मात्रा में 5 परसेंट की गिरावट आई है. लॉजिस्टिक्स और मरीन डिविजन में भी कंपनी ने शानदार उपलब्धि हासिल की है. रेवेन्यू क्रमश: 79 परसेंट और 239 परसेंट बढ़ा है, जबकि EBITDA में क्रमशः 41 परसेंट और 182 परसेंट की तेजी आई है
यह रेटिंग कारोबारी साल 2026 की दूसरी तिमाही में ऑपरेशनल लेवल पर कंपनी के दमदार प्रदर्शन और मजबूत ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए दी गई है. अभी कंपनी के शेयर 1449 रुपये के लेवल पर है, जबकि इसके 52- हफ्ते का हाई लेवल 1493.5 रुपये है. यानी कि शेयरों की कीमत अपने हाई लेवल के काफी करीब है. इसके 52- हफ्ते का लो लेवल 993.85 रुपये है
फिच रेटिंग्स ने भी अडानी पोर्टस के शेयरों को ‘BBB’ की रेटिंग कम है. इसका मतलब है कि शेयर स्थिर हैं और इसमें संभावित जोखिम की संभावना कम है.फिच रेटिंग्स को अडानी पोर्ट के सस्टेनेबल ग्रोथ की उम्मीद है, जिसका कार्गो वॉल्यूम 10-15 परसेंट तक बढ़ सकता है और टैरिफ भी 2-3 परसेंट तक बढ़ने का अनुमान है. एजेंसी का कहना हैकि कंपनी का EBITDA मार्जिन लगभग 55 परसेंट होगा और वार्षिक पूंजीगत व्यय 12,000-16,000 करोड़ रुपये होगा
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. sanchalnews.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)











