राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र की आज से विधिवत शुरुआत हो गई है. राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के अभिभाषण के साथ सदन की कार्यवाही शुरू हुई. हालांकि, सत्र के आगाज से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है. कांग्रेस विधायकों ने मनरेगा का नाम बदलकर VB G RAM G करने के विरोध में विधायक निवास से विधानसभा पोर्च तक पैदल मार्च निकाला
16वीं विधानसभा के पांचवें सत्र की शुरुआत बुधवार 28 जनवरी से होगी. लगभग एक महीने तक चलने वाले इस सत्र में राज्य का वर्ष 2026-27 बजट पेश किया जाएगा. इससे पहले, मंगलवार (27 जनवरी) को विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक हुई. बैठक में सदन शांतिपूर्वक चलने और सभी सदस्यों द्वारा सम्मानजनक और गरिमा बनाए रखने वाले शब्दों का उपयोग किये जाने पर सहमति व्यक्त की गई.

सभी दलों दोनों ने अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि पक्ष व प्रतिपक्ष के सदस्य सदन में मर्यादापूर्ण व्यवहार से अपनी बात रखेंगे. देवनानी ने कहा कि सदन में सार्थक चर्चा होनी चाहिए और सभी सदस्यों को बोलने का मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी 16वीं विधानसभा के सभी पक्ष एवं प्रतिपक्ष सदस्यों की है. स्पीकर ने बताया कि पिछले सत्रों के 96 प्रतिशत प्रश्नों के जवाब राजस्थान विधानसभा को मिल गए हैं और आगे भी समय पर प्रश्नों के जवाब मंगाये जायेंगे
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राजस्थान की बड़ी उपलब्धियों को सदन के सामने रखा. उन्होंने बताया कि ‘मां का दूध’ (Maternal Milk Bank) उपलब्ध कराने के मामले में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बन गया है, जहां 29 स्थानों पर प्रबंधन निकायों का संचालन किया जा रहा है.
महिला स्वास्थ्य पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री योजना के तहत रिकॉर्ड वाउचर जारी किए गए हैं. साथ ही, चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग कर्मी और फार्मासिस्ट सहित कुल 21,558 पदों पर नियुक्तियां प्रदान की हैं. इन कदमों से प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी
अक्षय और सौर ऊर्जा में राजस्थान आगे
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत के कार्बन उत्सर्जन के मुक्त करने का संकल्प किया है. इस दिशा में सरकार ने नवीनीकरण स्रोतों से विद्युत उत्पादन को गति दी है. राजस्थान अक्षय ऊर्जा और सौर ऊर्जा के मामले में देशभर में अग्रणी है. विद्युत प्रसारण केंद्र के लिए पिछले 2 वर्षों में 400 केवी का तंत्र बना है. सरकार ने फरवरी 2025 में 19 हजार 165 मेगावाट की सर्वकालिक उच्चतम विद्युत मांग को पूरा किया गया है. इन दो वर्षों में सरकार द्वारा 2 लाख 50 हजार से अधिक कृषि विद्युत कनेक्शन और लगभग 9 लाख से अधिक घरेलू और औद्योगिक कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं.
उन्होंने बताया कि किसानों के लिए यमुना का जल लाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का कार्य अंतिम चरण में है. इंदिरा गांधी नगरी तंत्र के सुधार पर 2825 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. इंदिरा गांधी सिंचाई परियोजना पर वर्तमान वित्तीय वर्षों में 2765 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इससे प्रदेश में 23,320 हैक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है
बजट सत्र में पेश किए जाएंगे ये बिल
- महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, जयपुर विधेयक–2025
- राजस्थान जन विश्वास उपबंधों का संशोधन विधेयक–2026
- राजस्थान दुकान और वाणिज्य अधिष्ठान संशोधन विधेयक–2026

राज्यपाल के अभिभाषण पर विपक्ष की टोका-टाकी
राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. जब राज्यपाल हरिभाऊ बागडे सरकार की उपलब्धियों और नई नीतियों का ब्यौरा दे रहे थे, तब विपक्ष के विधायकों ने कुछ मुद्दों पर असहमति जताते हुए बीच में ही टोका-टाकी शुरू कर दी. सदन में शोर-शराबे के बीच विपक्ष ने सरकार की घोषणाओं को लेकर सवाल उठाए, तो वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के विधायकों ने एकजुटता दिखाते हुए जोर-शोर से मेजें थपथपाईं और तालियां बजाकर राज्यपाल के अभिभाषण का स्वागत किया. इस गहमागहमी ने साफ कर दिया है कि आगामी बजट सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है










