उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता, महिला कार्यकर्ता योगिता भयाना के साथ बुधवार शाम को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलने के लिए उनके आवास 10 जनपथ पहुंचीं। मीटिंग में सोनिया भी मौजूद थीं. दोनों ने उन्नाव के परिवार से वादा किया है कि वे यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी पूरी कोशिश करेंगे कि उन्हें न्याय और सुरक्षा मिले
सोनिया गांधी से मिलने के बाद पीड़िता ने कहा,” उन्होंने आश्वासन दिया है कि बेटा आप परेशान मत हो। उनके आंखों में भी आंसू आ गए कि ये देश का न्याय नहीं है ये अन्याय है। उन्होंने कहा कि हम आपको न्याय दिलाएंगे…दोनों (सोनिया गांधी और राहुल गांधी) के आंखें नम थी। मैं पीएम मोदी से भी मिलना चाहती हूं और उन्हें अपना दुख दर्द बताना चाहती हूं क्योंकि मेरा है कौन? मैं इन्ही लोगों से अपना दुख बता सकती हूं।
सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता और उसके परिवार ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से 3 बड़ी बातें रिक्वेस्ट की हैं…
- उन्हें सुप्रीम कोर्ट में सेंगर के खिलाफ लड़ने के लिए एक टॉप वकील दिलाने में मदद करें. राहुल ने ऐसा करने का वादा किया.
- उन्हें कांग्रेस शासित राज्य में शिफ्ट होने में मदद करें क्योंकि उन्हें मारे जाने का डर था और उन्हें अपनी सुरक्षा पर भरोसा नहीं था. विपक्ष के नेता राहुल ने कहा कि वह ऐसा करेंगे.
- पीड़िता के पति ने विपक्ष के नेता से बेहतर नौकरी के लिए रिक्वेस्ट की. राहुल जी ने कहा कि वह इस पर ध्यान देंगे
दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर को बेल दी थी
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को अपील लंबित रहने तक निलंबित कर दिया और दिल्ली में रहने समेत कई सख्त शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।
इससे पहले मंगलवार की देर शाम पीड़िता ने मामले में आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की सजा निलंबित करने और जमानत देने के कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपनी मां और महिला एक्टिविस्ट योगिता भयाना के साथ दिल्ली में इंडिया गेट पर प्रदर्शन किया था।
पीड़िता ने फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि फैसला सुनकर बुरा लगा तो वहीं जान देने का फैसला लिया लेकिन परिवार के बारे में सोचकर रुक गई। हमारे साथ नाइंसाफी हुई है। कहा- चुनाव के चलते उसे जमानत मिली है। वह अब न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी। हालांकि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के लिए बैठी पीड़िता और अन्य प्रदर्शनकारियों को कुछ देर बाद ही इंडिया गेट से हटा दिया गया था।
पीड़िता की बहन ने आरोप लगाया कि कुलदीप सेंगर ने मेरे बड़े पापा को फिर पिता को मरवाया इसके बहन के साथ गलत काम किया। इसके बाद भतीजी (दुष्कर्म पीड़िता) के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले चाचा को झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाया। बहन ने बताया कि अभी कुलदीप जेल से बाहर नहीं आए इससे पहले ही उनके लोग धमकियां देने लगे हैं अब खतरा मंडरा रहा है। पिता की हत्या में पहले से जमानत पर चल रहे लोग खुले आम धमका रहे हैं।








