
पाली, 28 फरवरी जिला प्रशासन एवं राजीविका (राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद) पाली के तत्वाधान में आयोजित ‘राजसखी मेला’ स्थानीय हस्तशिल्प और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। शुक्रवार को मेले का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमे कलाकारों द्वारा विभिन सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुतियां दी गयी। इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी महेन्द्र मेहता, राजीविका के कार्मिक मौजूद रहे।
मेले के शुरुआती 6 दिनों में समस्त स्टालों से कुल 1509710 रुपये की सामूहिक बिक्री दर्ज की गई थी, लेकिन मेले की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल 26 फरवरी को ही अकेले एक दिन में 459413 रुपये की शानदार बिक्री हुई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि पाली के शहरवासी ग्रामीण महिलाओं द्वारा बनाए गए शुद्ध और हस्तनिर्मित उत्पादों को काफी पसंद किया।

रायपुर ब्लॉक की महिलाओं ने किया भ्रमण
आज मेले में विशेष रौनक रही जब ब्लॉक रायपुर से राजीविका समूह से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं ने मेले का भ्रमण किया। रायपुर से आई इन दीदियों ने न केवल मेले की व्यवस्थाओं को देखा और अन्य समूहों के उत्पादों से प्रेरणा ली, बल्कि जबरदस्त खरीदारी कर स्टाल धारकों का उत्साहवर्धन भी किया। महिलाओं ने घरेलू उपयोग के सामान, हस्तशिल्प और जैविक खाद्य पदार्थों की जमकर खरीद की।
“राजसखी मेला हमारी ग्रामीण उद्यमी महिलाओं के लिए एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। कल हुई रिकॉर्ड बिक्री और आज रायपुर ब्लॉक की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने इस आयोजन को नई ऊर्जा दी है।”








