राजस्थान में स्कूलों की किताबों में ‘वीर बाल दिवस’ से जुड़ी प्रेरक गाथा को शामिल किया जाएगा. किताब में गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादे फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत का अध्याय शामिल होगा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को घोषणा की कि सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों के बलिदान की गाथा को अब प्राथमिक स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। यह घोषणा जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित एक प्रदर्शनी के उद्घाटन के दौरान की गई। वीर बाल दिवस के मौके पर आयोजित इस प्रदर्शनी में गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों के अद्वितीय साहस, शौर्य और बलिदान को चित्रों और ऐतिहासिक झांकियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। विशेष रूप से कम उम्र में धर्म और मानव मूल्यों की रक्षा के लिए शहादत देने वाले साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सीएम भजनलाल शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि बहुत कम उम्र में उन्होंने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस घोषित कर उनके त्याग को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया गया है. उन्होंने कहा कि अब छोटे बच्चों की पाठ्य पुस्तकों में वीर बाल दिवस से जुड़ी प्रेरक गाथा को शामिल किया जाएगा. ताकि नई पीढ़ी को साहस, बलिदान और धर्म-संस्कृति की रक्षा के मूल्यों से परिचित कराया जा सके
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने हिंदू–सिख एकता पर बल देते हुए कहा- दोनों धर्मों के मूल्य और राष्ट्रप्रेम की भावना समान है। धर्म या मजहब के आधार पर समाज का विभाजन राष्ट्र को नुकसान पहुंचाता है। राठौड़ ने कहा कि सिख समाज पगड़ी, कड़ा सहित पांच चीजें पहनता है, वह हमारे हिंदू समाज का ही अभिन्न अंग है।
बीजेपी मुख्यालय में हुआ कार्यक्रम
वीर बाल दिवस के मौके पर बीजेपी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने घोषणा की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वीर बाल दिवस पर लगी प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और विधायक बालमुकुंद आचार्य भी मौजूद रहे










