रेप केस में सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट के बाद गुरुवार को गुजरात हाईकोर्ट से भी जमानत मिल गई। गुजरात हाईकोर्ट में आज सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील देवदत्त कामत ने कोर्ट को बताया- आसाराम 13 साल से जेल में बंद है। हिरासत प्रमाण-पत्र के अनुसार उसने छूट सहित कुल 12 साल, 11 महीने और 27 दिन की सजा काट ली है। जबकि वास्तविक हिरासत अवधि 11 साल, 6 महीने और 3 दिन की है।

गुजरात हाईकोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर आसाराम को 6 महीने की जमानत दी है। दोनों अदालतों ने उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और उम्र को ध्यान में रखते हुए राहत प्रदान की है।
राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने आसाराम की याचिका पर सुनवाई के बाद 29 अक्टूबर को फैसला दिया था। इसमें 6 महीने की जमानत मंजूर करने के साथ ही शर्तें तय की गई थीं। इनमें–
- 1 लाख रुपए का व्यक्तिगत बॉन्ड और 50,000-50,000 रुपए की दो जमानतें।
- बिना कोर्ट की अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेगा।
- 6 महीने के दौरान लिए गए इलाज की मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में जमा करनी होगी।
- 6 महीने पूरे होने पर जेल में सरेंडर करना होगा।
- दो बंदिशें भी हटी- अनुयायियों से न मिलने की शर्त हटा दी गई। 3 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था समाप्त की गई।
- हालांकि, प्रवचन या धार्मिक सभा नहीं करने की शर्त पर फिलहाल आसाराम को कोई राहत नहीं दी गई है। यानी, वह अपने साधकों से मिल तो सकेगा, लेकिन समूह में मिलने की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट की शर्त का उल्लंघन माना जाएगा।
आसाराम को पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष न्यायालय, जोधपुर ने 25 अप्रैल 2018 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उस पर नाबालिग से रेप और अन्य संगीन आरोप थे। करीब 12 साल की कैद के बाद पहली बार 7 जनवरी 2025 को उसे मेडिकल कारणों से अंतरिम जमानत मिली थी।











