बिहार में एनडीए की ऐतिहासित जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जय छठी मैया के साथ अपना संबोधन शुरू किया. पीएम मोदी ने बिहार की जनता को भरोसा दिलाया कि अब राज्य में विकास और तेजी से होगा. दिल्ली में बीजेपी हेडक्वार्टर पहुंचते ही पीएम मोदी ने बिहारी स्टाइल में गमछा घुमाते हुए मजबूत संदेश दिया
पीएम मोदी ने कहा, “महागठबंधन ने तुष्टीकरण वाला MY फॉर्मूला बनाया था. आज की जीत ने सकारात्मक MY फॉर्मूला महिला और यूथ बनाया. जनता ने जंगलराज वालों के सांप्रदायिक MY फॉर्मूला का अंत कर दिया. आज बिहार, देश के उन राज्यों में है, जहां सबसे ज्यादा युवाओं की संख्या है और इनमें हर धर्म और हर जाति के युवा शामिल हैं. मैं आज बिहार के युवाओं का विशेष रूप से अभिनंदन करता हूं
पीएम मोदी ने कहा, “बिहार के चुनाव ने एक और बात सिद्ध की है. अब देश का मतदाता, खासतौर पर हमारा युवा मतदाता, वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण को बहुत गंभीरता से लेता है. बिहार के युवा ने भी मतदाता सूची के शुद्धिकरण को जबरदस्त तरीके से सपोर्ट किया है. अब हर दल का दायित्व बनता है कि वे पोलिंग बूथ पर अपनी-अपनी पार्टियों को सक्रिय करें और मतदाता सूची के शुद्धिकरण के काम में उत्साह के साथ जुड़ें और शत प्रतिशत योगदान दें, ताकि बाकी जगहों पर भी मतदाता सूची का पूरी तरह शुद्धिकरण हो सके

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में दोहराया कि बिहार में विकास के काम और तेजी से किए जाएंगे. उन्होंने कहा, “बिहार ने जो भरोसा हम पर जताया है, उसने हमारे कंधों पर जिम्मेदारी और बढ़ा दी है. मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आने वाले पांच सालों में बिहार और तेज गति से आगे बढ़ेगा. बिहार में नए उद्योग लगेंगे. नौजवानों को बिहार में ही रोजगार मिले, इसके लिए काम किया जाएगा. बिहार में निवेश आएगा, जो ढेरों नौकरियां लेकर आएगा. राज्य में पर्यटन का विस्तार होगा, जिससे बिहार का या सामर्थ्य दिखाई देगा, बिहार में हमारे तीर्थों, आस्था के स्थानों और ऐतिहासिक धरोहरों का कायाकल्प होगा
पीएम मोदी ने कहा, “कांग्रेस एक ऐसी परजीवी है, जो अपने सहयोगियों के वोट बैंक को निगलकर अपनी वापसी करना चाहती है इसलिए कांग्रेस से सावधान रहने की जरूरत उसके सहयोगियों को भी है. कांग्रेस का राजनीतिक दृष्टिकोण नकारात्मकता पर आधारित है. यह आपत्तिजनक नारे लगाने, संसदीय कार्यवाही में बाधा डालने, प्रमुख संस्थाओं पर हमला करने, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर संदेह जताने, चुनाव आयोग को बदनाम करने और जाति व धर्म के आधार पर विभाजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है. कांग्रेस में राष्ट्र के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण का अभाव है











