जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में आतंकवादियों की मदद करने वाले शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इस शख्स की पहचान दक्षिण कश्मीर के मो. यूसुफ कटारिया के रूप में की गई है, जिसने 22 अप्रैल को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मदद की थी. श्रीनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया और फिर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
मोहम्मद यूसुफ कटारिया लश्कर-ए-तैयबा (टीआरएफ) का आतंकी है, जिस पर बैसरन की घाटी में 26 लोगों की हत्या में शामिल आतंकवादियों की सहायता पहुंचाने का आरोप है.पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन महादेव के दौरान बरामद हथियारों और अन्य सामानों का विश्लेषण के बाद यह गिरफ्तारी की गई है. हमारी जांच में ये पुष्टि हुई है कि आतंकवादियों की आवाजाही में मदद और सुविधा प्रदान करने में कटारिया की अहम भूमिका थी. अधिकारियों ने इस घटनाक्रम को दक्षिण कश्मीर मेंआतंकी नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया. कटारिया के सहयोगियों की पहचान करने और लश्कर-ए-तैयबा (टीआरएफ) से जुड़े नेटवर्क को तबाह करने के लिए आगे की जांच जारी है. पुलिस ने आतंकी मॉड्यूल को कमज़ोर करने और जम्मू-कश्मीर में शांति सुनिश्चित करने के लिए अभियान तेज करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.मोहम्मद यूसुफ कटारिया पहलगाम में संविदा पर काम करता था और स्थानीय बच्चों को पढ़ाता था. कुछ महीने पहले ही वह आतंकियों के संपर्क में आया और उनकी मदद करने लगा पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 पर्यटकों की जान ले ली. पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन टीआरएफ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी. इस आतंकी हमले का बदला लेते हुए भारती ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह किया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादियों की मौत हुई. इसके बाद 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव के तहत सेना ने इस हमले में शामिल लश्कर के तीन आतंकियों को मार गिराया







