अमेरिका के वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की घटना में एक नेशनल गार्ड सैनिक की मौत हो गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मृतक सैनिक सारा बैकस्ट्रॉम को श्रद्धांजलि दी. दूसरे घायल सैनिक की हालत गंभीर बताई जा रही है. बुधवार (26 नवंबर, 2025) को व्हाइट हाउस से कुछ ही ब्लॉक दूर हुए हमले में दो नेशनल गार्ड सदस्यों पर नजदीक से गोलियां चलाई गई थीं.
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस घटना को आतंकी हमला बताया है. उन्होंने कहा कि यह हमला बुराई, नफरत और आतंक की सोच से किया गया अपराध है. ट्रंप ने वीडियो कॉल के जरिए सैनिकों को संबोधित करते समय बताया कि सारा बैकस्ट्रॉम की मौत की जानकारी उन्हें कुछ देर पहले मिली थी.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संदिग्ध की पहचान रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है, जो अफगानिस्तान से 2021 में अमेरिका आया था. ट्रंप ने कहा कि यह व्यक्ति शरणार्थी कार्यक्रम के तहत देश में आया था और इसके लिए पिछली बाइडेन सरकार जिम्मेदार है. ट्रंप ने घोषणा की कि अफगानिस्तान से आए सभी लोगों की फिर से जांच की जाएगी और ऐसे लोगों को देश से हटाने पर विचार होगा जो अमेरिका से प्यार नहीं करते.
इस घटना के बाद अमेरिका ने अफगानिस्तान से इमिग्रेशन पर रोक लगा दी है. USCIS ने अपनी नीति में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा, तत्काल प्रभाव से सुरक्षा और जांच प्रोटोकॉल की आगे की समीक्षा होने तक अफगान नागरिकों से संबंधित सभी इमिग्रेशन अनुरोधों को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है. हमारी मातृभूमि और अमेरिकी लोगों की सुरक्षा हमारा एकमात्र फोकस और मिशन है.
हमले के बाद ट्रंप प्रशासन ने वॉशिंगटन में सुरक्षा बढ़ाने का फैसला किया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है. वर्तमान में वॉशिंगटन में करीब 2,400 नेशनल गार्ड तैनात हैं, जिनमें डीसी नेशनल गार्ड और अन्य राज्यों से भेजे गए सैनिक शामिल हैं. गोलीबारी की यह घटना व्हाइट हाउस से 500 मीटर से भी कम दूरी पर हुई. घटना के बाद इलाके में सुरक्षा और सख्त कर दी गई है और जांच जारी है








