राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत शनिवार को सवाई मानसिंह स्टेडियम परिसर में आयोजित दीनदयाल स्मृति व्याख्यान में बोल रहे थे। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य एवं एकात्म मानव दर्शन’ विषय पर विचार साझा किए। डॉ. महेश चन्द्र शर्मा ने प्रस्तावना रखी।
भागवत ने कहा- दुनिया की 4% जनसंख्या 80% संसाधनों का उपयोग करती है, जबकि 96% लोग इससे वंचित हैं। विकास हो रहा है, लेकिन जिनके लिए हो रहा है, वे बेहद कम हैं। उनके लिए जो संसाधन जुटते हैं, वे उन लोगों से लिए जा रहे हैं, जो विकास से बाहर रह गए हैं। असंतुलित विकास विश्व की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। जैसे-जैसे विकास बढ़ रहा है, अमीर और अमीर हो रहे हैं और गरीब और गरीब। यह केवल भारत की नहीं, पूरी दुनिया की स्थिति है। दुनिया के चिंतक भी यही कह रहे हैं।

कार्यक्रम से पहले शनिवार सुबह मोहन भागवत उत्पन्ना एकादशी के पावन अवसर पर जयपुर के आराध्य गोविंददेवजी के मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। वे ठाकुर श्री राधा-गोविंद देव जी महाराज की राजभोग झांकी में उपस्थित हुए।
मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी ने उनका चौखट पूजन करवाया। ठाकुर श्रीजी की ओर से उन्हें शॉल, दुपट्टा, प्रसाद, ठाकुर श्रीजी की छवि और श्री गोविंद धाम मंदिर का लघु स्वरूप भेंट किया गया।











