रिपोर्ट: साँचल न्यूज, आयुष गुप्ता बकानी। शिवरात्रि के पावन अवसर पर आज सुबह बकानी-भालता मार्ग स्थित थाका जी मंदिर में मधुमक्खियों के अचानक हमले से अफरा-तफरी मच गई। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना और खीर-प्रसादी ग्रहण करने के लिए मौजूद थे। इसी दौरान पास के पीपल के पेड़ पर लगे छत्ते से मधुमक्खियों का झुंड निकलकर श्रद्धालुओं पर टूट पड़ा।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रसादी वितरण के दौरान अचानक मधुमक्खियां झुंड बनाकर नीचे आ गईं। कुछ ही पलों में स्थिति भगदड़ में बदल गई। श्रद्धालु जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई लोग गिर पड़े और डंक लगने से घायल हो गए।
कितने लोग घायल, क्या है हालत?
हमले में करीब एक दर्जन श्रद्धालु घायल हुए। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बकानी पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि सभी की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय तक दहशत का माहौल रहा। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाए हैं।
लोगों की क्या है मांग?
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मंदिर परिसर और आसपास के पेड़ों पर लगे मधुमक्खियों के छत्तों को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसे आयोजनों से पहले सुरक्षा निरीक्षण कराने, भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था करने और मौके पर प्राथमिक चिकित्सा दल तैनात करने की भी मांग उठाई गई है।
आगे क्या होगा?
घटना के बाद संबंधित विभाग को सूचना दे दी गई है। प्रशासन द्वारा मंदिर परिसर का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाने की बात कही जा रही है। संभावना है कि जल्द ही छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटाने और धार्मिक आयोजनों के लिए नई सुरक्षा गाइडलाइन तय की जाएगी। स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।
शिवरात्रि जैसे आस्था के पर्व पर हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं में भय का माहौल पैदा कर दिया, लेकिन समय रहते उपचार मिलने से गंभीर स्थिति टल गई।








