जयपुर रोड पर बने इस भवन में जिला न्यायालय शिफ्ट करने का फैसला वकीलों को रास नहीं आया. बुधवार को राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा उद्घाटन करने पहुंचे तो बाहर सैकड़ों वकील नारे लगाने लगे. वकीलों ने चेतावनी दी कि सुविधाएं नहीं मिलीं तो काम बंद कर आंदोलन करेंगे. सुबह गुस्से में उन्होंने मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधी और टेंट फाड़कर आग लगा दी

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रावत ने बताया कि नए भवन में सिर्फ 78 चैम्बर बने हैं. यहां 400 वकील कैसे बैठेंगे? अजमेर में ढाई हजार से ज्यादा वकील प्रैक्टिस करते हैं. पहले 356 चैम्बर प्लान किए गए थे लेकिन पैसे की कमी से सिर्फ 78 ही बन पाए. वकीलों का कहना है कि फाइलें और रिकॉर्ड रखने की जगह भी नहीं है. एसोसिएशन ने पहले ही चैम्बर बढ़ाने की मांग की थी मगर प्रशासन ने अनदेखा कर दिया. बिना उचित जगह के काम कैसे चलेगा?
इस जी प्लस-2 भवन पर 138 करोड़ रुपये लगे हैं. इसमें 2 लिफ्ट, बेसमेंट पार्किंग, लिटिगेशन रूम, कैन्टीन, लाइब्रेरी, बार काउंसिल हॉल, डिस्पेंसरी, पोस्ट ऑफिस और बैंक की व्यवस्था है. भवन सहयोगिता नगर में 22 बीघा जमीन पर बना. निर्माण मार्च 2025 में खत्म हुआ और 19 अप्रैल को उद्घाटन हुआ. लेकिन वकील बोले कि पार्किंग और बैठने की जगह कम है. जरूरत के हिसाब से संसाधन नाकाफी हैं. बार एसोसिएशन ने जिला जज से मिलकर मांग की कि चैम्बरों की संख्या फौरन बढ़ाई जाए. तभी सभी वकीलों को अच्छा कार्यस्थल मिलेगा और कोर्ट सुचारू चलेगा











