हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र के राठीखेड़ा में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में हनुमानगढ़ जंक्शन की धान मंडी में किसान महापंचायत शुरू हो गई है। महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत पहुंच चुके हैं और कुछ देर बाद सभा को संबोधित करेंगे। इस महापंचायत में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए हैं।
जिसमें किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को 20 दिन का अल्टीमेटम दिया है. अगर इन 20 दिनों के अंदर किसानों की मांग पूरी नहीं होती है तो 7 जनवरी को संगरिया में किसानों ने विशाल महापंचायत की चेतावनी दी है. इन 20 दिनों के दौरान टिब्बी में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ किसानों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा
किसान टिब्बी के राठीखेड़ा में एथेनॉल फैक्ट्री का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं. बुधवार को हनुमानगढ़ की धान मंडी में हुई महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे. इस महापंचायत में राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी और जोगेंद्र सिंह उग्राहां समेत कई बड़े किसान नेता नजर आए. महापंचायत के बीच प्रशासन के न्योता पर किसानों का 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचा. इस दौरान हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट में प्रशासन के साथ किसानों की लंबी वार्ता चली है
फैक्ट्री और किसान विरोध पर कुछ अहम बातें
- फैक्ट्री के विरोध के दौरान टिब्बी में 10 दिसंबर को हिंसक घटना हुई, जिसमें कई गाड़ियों में आगजनी हुई और फैक्ट्री में भी तोड़फोड़ की गई.
- किसानों ने अपनी मांग को लेकर प्रशासन को 20 दिन का समय दिया है, इस दौरान मांग न पूरी होने पर फिर से एक विशाल महापंचायत की चेतावनी दी गई है.
- किसानों की प्रमुख मांगों में एथेनॉल फैक्ट्री का एमओयू रद्द करना और किसानों के ऊपर दर्ज किए गए मुकदमे को वापस लेना शामिल है.
- एथेनॉल फैक्ट्री के विरोध के बीच सरकार ने एक कमेटी बनाई है, जो फैक्ट्री को लेकर आपत्तियों और जल प्रदूषण की आशंका का अध्ययन करेगी
आईएएस रवि सुरपुर और आईएएस कानाराम, संभागीय आयुक्त, बीकानेर आईजी हेमंत शर्मा, जिला कलेक्टर खुशाल यादव, एसपी हरिशंकर एडीजीपी बीजू जार्ज जोसेफ ने किसान नेताओं के साथ बातचीत की. किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच कलेक्ट्रेट में दो राउंड की वार्त हुई है. इस दौरान किसान नेताओं ने प्रशासन के साथ बातचीत में किसानों के ऊपर दर्ज मुकदमे वापस लेने और एथेनॉल फैक्ट्री के एमओयू रद्द करने की मांग रखी है. इस पर प्रशासन ने किसानों की मांगों को लेकर राज्य सरकार को पत्र लिखने की बात कही
प्रदूषण और भूजल जांच के लिए बनी समिति
इधर, राज्य सरकार ने एथेनॉल फैक्ट्री से संभावित प्रदूषण और भूजल पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। बीकानेर संभागीय आयुक्त को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के विशिष्ट शासन सचिव को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल के वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता और भूजल विभाग के मुख्य अभियंता समिति के सदस्य हैं। समिति अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। हालांकि किसान इस समिति को केवल “आंखों में धूल झोंकने” की कोशिश बता रहे हैं।

किसान महापंचायत को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। करीब 1500 पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। धान मंडी के मुख्य गेट को छोड़कर बाकी सभी गेट बंद कर वहां ट्रॉलियां लगाई गई हैं। कलेक्ट्रेट से लगभग आधा किलोमीटर पहले ही रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है। कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है और पुलिस वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं। टिब्बी की पिछली घटना से सबक लेते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। किसान संगठनों का दावा है कि पंजाब, हरियाणा सहित आसपास के इलाकों से हजारों किसान महापंचायत में पहुंच रहे हैं। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है, लेकिन आंदोलन को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।







