अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिए जाने के बाद वैश्विक राजनीति में भूचाल आ गया है। इस कार्रवाई पर जहां कुछ देश खामोश हैं, वहीं उत्तर कोरिया और रूस जैसी ताकतों ने खुलकर अमेरिका के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन ने बयान जारी कर कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो उनके “दोस्त” हैं और अमेरिका द्वारा उन्हें हिरासत में लेना दमनकारी और खतरनाक कदम है। किम जोंग-उन ने कहा कि यह कार्रवाई दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की ओर धकेल सकती है। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नेतृत्व से मांग की कि मादुरो की मौजूदा स्थिति तुरंत सार्वजनिक की जाए। किम ने साफ शब्दों में कहा कि अगर मादुरो को तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो इसके गंभीर अंतरराष्ट्रीय परिणाम होंगे और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह अमेरिका पर होगी।
रूस ने भी कड़ी निंदा
अमेरिका की इस कार्रवाई की रूस ने भी कड़ी निंदा की है। रूसी विदेश मंत्रालय ने इसे वेनेजुएला के खिलाफ “सशस्त्र आक्रामकता” करार दिया है। मॉस्को ने कहा कि अमेरिका के तर्क न सिर्फ बेबुनियाद हैं, बल्कि यह कदम कूटनीति के बजाय वैचारिक दुश्मनी से प्रेरित है। रूस ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि बढ़ते तनाव से वैश्विक स्थिरता को खतरा है और इसका समाधान केवल बातचीत के जरिए ही निकाला जा सकता है।
जेलेंस्की का पहला रिएक्शन, पुतिन पर कसा तंज
अमेरिका के इस एक्शन पर कई देशों से की प्रतिक्रिया देखने को मिली है. यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की का बयान भी आया है. जेलेंस्की ने तंज भरे लहजे में बिना किसी नेता का नाम लेते हुए बयान दिया है वेनेजुएला पर हुई डोनाल्ड ट्रंप की कार्रवाई पर जब जेलेंस्की से रिएक्शन मांगा गया, तो उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा, ‘अगर तानाशाहों से ऐसे निपटना संभव है तो अमेरिका जानता है, आगे क्या करना है
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने हालांकि किसी नेता का नाम नहीं लिया. हालांकि उनका इशारा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर था, ये सब समझ गए. यूरोपीय देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठक के बाद जेलेंस्की ने ये बयान दिया है







