जयपुर में बसों की छतों पर सामानों को लेकर यात्रा करने पर पाबंदी लगा दी गई है. क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RT0) ने इस बारे में आज शाम से विशेष “नो लगेज अभियान” शुरू करने का फैसला किया है
आरटीओ के इस अभियान के तहत पूरे जयपुर में बसों पर निगाह रखने के लिए 20 उड़न दस्तों को तैनात किया जाएगा. ये दस्ते नज़र रखेंगे और अगर किसी बस की छत पर सामान रखा हुआ पाया गया तो उसे मौके पर ही जब्त कर लिया जाएगा. उड़न दस्तों को इस बारे में सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है

जयपुर आरटीओ ने हादसे के बाद उठाया कदम
मनोहरपुर में हुआ हादसा जयपुर आरटीओ सेकंड के क्षेत्राधिकार में हुआ. इस हादसे के बाद जयपुर के आरटीओ प्रथम कार्यालय ने जयपुर शहर में बसों की छतों पर ओवरलोडिंग करने पर रोक लगा दी है. आज, 28 अक्टूबर की शाम से जयपुर में “नो लगेज अभियान” शुरू किया जा रहा है. इसके तहत अब बसों के संचालक बसों की छतों पर सामान नहीं रख सकेंगे. आरटीओ की ओर से कहा गया है कि मनोहरपुर में हुए हादसे के बाद इस अभियान को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया गया. अधिकारियों का कहना है कि बस संचालक लगातार मनमानी कर रहे हैं जिसकी वजह से ऐसे हादसे हो रहे हैं
जयपुर के मनोहरपुर इलाके में जिस बस में हादसा हुआ उसमें एक हाईटेंशन वायर की वजह से करंट आ गया जिससे आग लग लग गई. इस बस में यूपी के पीलीभीत से लगभग 60-65 मज़दूरों को राजस्थान लाया जा रहा था. यह बस एक कच्चे रास्ते से होते हुए एक गांव में ईंट भट्टे पर जाने वाली थी जब लगभग 200 मीटर पहले इसकी छत पर रखा सामान 11000 किलोवाट के बिजली के तार के संपर्क में आ गया जिससे गंभीर हादसा हो गया. इस बस में 15 एलपीजी गैस सिलेंडर और कई बाइक समेत बहुत सारा सामान रखा हुआ था







